आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा बदलाव जल्द देखने को मिल सकता है. गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अमेरिकी एंटीट्रस्ट ट्रायल के दौरान अदालत में शपथ के तहत पुष्टि की है कि Apple और Google के बीच Gemini AI चैटबॉट को Siri में इंटीग्रेट करने को लेकर बातचीत जारी है. अगर यह सौदा पक्का हो गया, तो 2025 के मध्य तक iPhones पर Gemini की एंट्री हो सकती है.
यह साझेदारी Apple की मौजूदा OpenAI के साथ चल रही साझेदारी के बाद एक और बड़ा कदम मानी जा रही है. इससे न केवल Apple के AI इकोसिस्टम में विविधता आएगी, बल्कि Google को भी अरबों iPhone यूज़र्स तक अपनी AI सेवा Gemini पहुंचाने का मौका मिलेगा.
यह अहम खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी सरकार द्वारा Google पर चल रहे एंटीट्रस्ट मुकदमे के दौरान सुंदर पिचाई अदालत में पेश हुए. न्याय विभाग की वकील वेरोनिका ओन्येमा ने पिचाई से पूछा कि क्या 2025 के मध्य तक Gemini को Apple के ऑपरेटिंग सिस्टम में शामिल किया जा सकता है, जिस पर पिचाई ने एक शब्द में जवाब दिया,“Correct”. यह पहली बार था जब किसी Google अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से इस संभावित साझेदारी की पुष्टि की.
पिचाई ने अदालत में यह भी बताया कि Apple के सीईओ टिम कुक ने पिछले साल कई बार उनसे बातचीत की थी ताकि वो Google की AI योजनाओं को बेहतर समझ सकें. उन्होंने (कुक) यह समझने की कोशिश की कि हम AI तकनीक को कैसे विकसित कर रहे हैं, हमारा रोडमैप क्या है, और उसी बातचीत के दौरान Gemini ऐप डिस्ट्रीब्यूशन की बात भी हुई,” पिचाई ने कहा.उन्होंने यह भी बताया कि टिम कुक Apple Intelligence में थर्ड-पार्टी मॉडल्स को इंटीग्रेट करने के लिए पहले से ही सकारात्मक रुख दिखा चुके हैं.
Google और Apple के रिश्ते लंबे समय से प्रतिस्पर्धात्मक रहे हैं. हालांकि, iPhone में Google की मौजूदगी 2007 से है जब YouTube डिफॉल्ट ऐप के तौर पर लॉन्च हुआ था. इसके अलावा Safari ब्राउज़र में Google को डिफॉल्ट सर्च इंजन बनाए रखने के लिए भी कंपनी हर साल अरबों डॉलर खर्च करती है. अब जब दोनों कंपनियां AI में साझेदारी के संकेत दे रही हैं, तो यह साफ है कि वे यूज़र्स को AI मॉडल चुनने का विकल्प देना चाहती हैं.
WWDC 2024 में Apple के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट क्रेग फेडेरिघी ने कहा था कि हम यूज़र्स को वह मॉडल चुनने की आज़ादी देना चाहते हैं जो वे चाहते हैं शायद भविष्य में Google Gemini भी.”
Apple का AI सिस्टम ‘Apple Intelligence’ पहले ही OpenAI के ChatGPT को Siri में जोड़ चुका है, जिससे टेक्स्ट ड्राफ्टिंग और इमेज जेनरेशन जैसे जटिल टास्क किए जा सकते हैं. Gemini के साथ भी ऐसा ही इंटीग्रेशन हो सकता है, जहां Siri ज़रूरत पड़ने पर यूज़र के अनुरोध को Gemini को फॉरवर्ड कर सकेगी. यह सुविधा opt-in होगी और इसका मकसद Siri को और ज्यादा समझदार बनाना होगा.
iOS 18.4 के बीटा वर्जन में MacRumors के एनालिस्ट ऐरन पेरिस ने कोड की स्ट्रिंग्स में “Third-party model” मेन्यू देखा था, जिसमें Google का नाम भी शामिल था. इससे यह संकेत मिला कि Gemini के इंटीग्रेशन की तैयारी पहले से चल रही है.
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक डील घोषित नहीं हुई है, लेकिन सुंदर पिचाई द्वारा दिए गए "mid-2025" के समयसीमा संकेत देते हैं कि समझौता कुछ ही हफ्तों में फाइनल हो सकता है. यदि ऐसा हुआ, तो 9 जून से शुरू हो रहे Apple के Worldwide Developers Conference (WWDC) में इसका ऐलान किया जा सकता है. यह लगातार दूसरा साल होगा जब Apple अपने Siri सिस्टम में किसी बड़ी AI साझेदारी का ऐलान करेगा. 2024 में ChatGPT के ऐलान के बाद अब Gemini की बारी हो सकती है.
Gemini का Siri में इंटीग्रेशन Google के लिए सिर्फ सम्मान का विषय नहीं, बल्कि एक रणनीतिक बढ़त है जिससे वह Android से बाहर भी अरबों यूज़र्स तक पहुंच सकेगा. वहीं Apple का यह कदम यह दिखाता है कि वह अब AI के मामले में विकल्प आधारित अप्रोच की तरफ बढ़ रहा है. जहां यूजर खुद तय कर सके कि वह किस AI मॉडल पर भरोसा करना चाहता है. First Updated : Saturday, 03 May 2025