भारत की भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों Amazon और Flipkart के गोदामों पर छापेमारी कर गैर-मानक उत्पादों को जब्त किया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये अभियान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर घटिया और गैर-मानक उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाया गया है. लखनऊ, गुरुग्राम और दिल्ली जैसे शहरों में की गई इस कार्रवाई के दौरान Amazon और Flipkart के गोदामों के साथ-साथ Techvision International Pvt Ltd के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. छापेमारी में टॉयज, किचन अप्लायंसेज, इलेक्ट्रिकल उपकरण सहित कई उत्पादों को जब्त किया गया.
BIS की जांच के दौरान पाया गया कि Techvision International Pvt Ltd से गैर-प्रमाणित उत्पादों की आपूर्ति की जा रही थी. Amazon के लखनऊ और गुरुग्राम के गोदामों से सैकड़ों गैर-प्रमाणित खिलौने, हैंड ब्लेंडर, एल्युमिनियम फॉयल, मेटैलिक वॉटर बॉटल, PVC केबल, फूड मिक्सर और स्पीकर जब्त किए गए.
Flipkart के गुरुग्राम स्थित गोदाम (जिसका संचालन Instakart Services Pvt Ltd द्वारा किया जाता है) में भी सैकड़ों गैर-प्रमाणित स्टेनलेस स्टील बॉटल, खिलौने और स्पीकर पाए गए. इन सभी उत्पादों पर अनिवार्य ISI मार्क नहीं था और इनकी BIS प्रमाणन संख्या भी अमान्य थी.
BIS की विस्तृत जांच में सामने आया कि Techvision International Pvt Ltd द्वारा अमेज़न और फ्लिपकार्ट के जरिए कई गैर-प्रमाणित उत्पाद बेचे जा रहे थे. इस कंपनी के दिल्ली स्थित दो गोदामों पर छापेमारी कर 7,000 इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर, 4,000 इलेक्ट्रिक फूड मिक्सर, 95 इलेक्ट्रिक रूम हीटर और 40 गैस स्टोव जब्त किए गए. इन जब्त किए गए उत्पादों में प्रमुख ब्रांड Digismart, Activa, Inalsa, Cello Swift और Butterfly आदि शामिल हैं.
BIS ने स्पष्ट किया कि जिन उत्पादों की BIS प्रमाणन अनिवार्य है, वे बिना मान्यता के बाजार में नहीं बेचे जा सकते. यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित किया जा सके. गैर-प्रमाणित उत्पादों में ISI मार्क नहीं होता और वे किसी स्वतंत्र थर्ड-पार्टी परीक्षण से नहीं गुजरते, जिससे उनकी सुरक्षा और परफॉर्मेंस का कोई ठोस प्रमाण नहीं होता.
BIS ने इस गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के खिलाफ BIS अधिनियम, 2016 के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है. Techvision International Pvt Ltd के खिलाफ दो अदालतों में मामले दर्ज किए गए हैं. नियमों के उल्लंघन पर 2 लाख रुपये से लेकर उत्पाद के मूल्य का 10 गुना तक का जुर्माना और 2 साल तक की सजा का प्रावधान है.
BIS ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए कहा कि वे BIS Care ऐप का इस्तेमाल करें. इस ऐप की मदद से उपभोक्ता ये चेक कर सकते हैं कि कोई उत्पाद BIS प्रमाणित है या नहीं. उपभोक्ता ISI मार्क और निर्माता की लाइसेंस संख्या (CM/L) को वेरिफाई कर सकते हैं. इसके साथ ही, अगर किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो तो शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं. First Updated : Sunday, 16 March 2025