Delhi EV Policy 2.0: EV पॉलिसी 2.0 का उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के उपयोग को बढ़ावा देना है. इसके पहले EV पॉलिसी 2020 में लॉन्च की गई थी, जो 2024 तक लागू थी और अब इसे बढ़ाकर नई पॉलिसी का गठन किया गया है. इस पॉलिसी में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जिनके माध्यम से दिल्ली को पर्यावरण की दृष्टि से अधिक टिकाऊ और स्वच्छ बनाया जाएगा.
CNG से इलेक्ट्रिक में परिवर्तन:
सभी CNG ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और लाइट कॉमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा. साथ ही, सभी बसें भी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी.
खरीदारी पर प्रोत्साहन:
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, LCV और ट्रकों की खरीद पर विशेष इंसेंटिव दिए जाएंगे. साथ ही, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से EV की ओर शिफ्ट होने के लिए स्क्रैपिंग और रेट्रोफिटिंग इंसेंटिव भी उपलब्ध होंगे.
कॉमर्शियल ट्रांसपोर्ट का इलेक्ट्रिफिकेशन:
ल्ली में कैब, डिलीवरी सर्विस और अन्य कॉमर्शियल वाहनों को भी इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा, इसके लिए सख्त नियम और रेगुलेशन लागू किए जाएंगे.
EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार:
दिल्ली में पब्लिक और प्राइवेट EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, और नए बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स में EV चार्जिंग स्टेशन को अनिवार्य किया जाएगा.
राज्य EV फंड का गठन:
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन टैक्स, प्रदूषण सेस और अन्य शुल्कों से एक विशेष फंड बनाया जाएगा.
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट:
EV क्षेत्र में नई नौकरियां पैदा होंगी, और दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) EV मैकेनिक और ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगी.
यह नीति न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि रोजगार सृजन और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी एक अहम भूमिका निभाएगी. इसके साथ ही, दिल्ली में प्रदूषण कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा. First Updated : Tuesday, 11 March 2025