ना इंटरनेट ना सब्सक्रिप्शन और ना ही APP फिर भी दिख रहा कॉलर का नाम...जानिए क्या है CNAP सर्विस और इसकी चुनौतियां

आपके पास भी 4G और 5G नेटवर्क वाला स्मार्टफोन है तो अब कॉल आने पर आपको कॉलर के नंबर के साथ नाम भी दिख रहा होगा. इसके लिए आपको किभी भी अन्य ऐप, इंटरनेट या सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं है. ये नाम हाल ही में शुरू किए गए कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सर्विस के माध्यम से दिख रहे हैं. हालांकि, इस फीचर को लेकर कुछ चुनौतियां भी हैं. आइए जानते है इस पूरी खबर को विस्तार से...

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नई दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने उपभोक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉलर नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP नाम की नई सेवा शुरू की है. इस तकनीक के जरिए अब किसी भी आने वाली कॉल के साथ सिर्फ नंबर ही नहीं, बल्कि उस व्यक्ति का नाम भी दिखाई देगा, जिसके नाम पर वह मोबाइल नंबर आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड है. इससे यूजर्स को कॉलर की पहचान करने में मदद मिलेगी.

बिना ऐप, इंटरनेट और सब्सक्रिप्शन के फ्री सुविधा
आपको बता दें कि CNAP की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी भी तरह के मोबाइल ऐप, इंटरनेट कनेक्शन या पेड सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं है. यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और सभी मोबाइल यूजर्स को धीरे-धीरे उपलब्ध कराई जा रही है. अगर अभी किसी यूजर को यह सुविधा नहीं दिख रही है, तो आने वाले समय में यह अपने-आप एक्टिव हो जाएगी.

TrueCaller से कैसे अलग है CNAP
कई लोग CNAP को TrueCaller जैसी सर्विस मान रहे हैं, लेकिन दोनों के काम करने का तरीका अलग है. TrueCaller थर्ड-पार्टी ऐप है, जो यूजर्स द्वारा दी गई जानकारी और एडिट किए गए नामों पर आधारित होता है. वहीं CNAP सीधे टेलीकॉम नेटवर्क से जुड़ा सिस्टम है, जो किसी नंबर के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नाम को दिखाता है, न कि यूजर द्वारा बदले गए नाम को.

CNAP कैसे काम करता है
CNAP नेटवर्क लेवल पर काम करता है. हर टेलीकॉम कंपनी के पास अपने ग्राहकों का KYC डेटा होता है, जिसमें यह जानकारी रहती है कि कौन-सा नंबर किस व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है. जब कोई कॉल आती है, तो नेटवर्क उसी रजिस्टर्ड नाम को रिसीवर के फोन स्क्रीन पर दिखा देता है. उदाहरण के तौर पर, अगर आपका नंबर माता या पिता के नाम पर लिया गया है, तो कॉल करने पर वही नाम दिखाई देगा.

सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स पर क्या असर होगा
अगर किसी व्यक्ति ने आपका नंबर अपने फोन में पहले से सेव कर रखा है, तो उसे CNAP वाला नाम नहीं दिखेगा. ऐसे मामलों में कॉल उसी नाम से आएगी, जिस नाम से रिसीवर ने नंबर सेव किया हुआ है. CNAP का असर केवल अनसेव्ड नंबरों पर दिखाई देता है.

फिलहाल किन नेटवर्क्स पर उपलब्ध है
अभी यह सेवा मुख्य रूप से 4G और 5G नेटवर्क पर काम कर रही है. उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इसे पुराने नेटवर्क और ज्यादा मोबाइल डिवाइसेज़ पर भी उपलब्ध कराया जाएगा. यह सिस्टम सीधे टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है, इसलिए इसके लिए फोन में किसी बदलाव की जरूरत नहीं होती.

CNAP से जुड़ी प्रमुख चुनौतियां
इस सर्विस की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि यह कॉल करने वाले के इस्तेमाल किए जा रहे नाम को नहीं, बल्कि रजिस्टर्ड नाम को दिखाती है. कई बार कॉल किसी और व्यक्ति द्वारा की जा रही होती है, लेकिन स्क्रीन पर किसी दूसरे का नाम दिखता है. इससे यूजर को कॉलर अनजान या संदिग्ध लग सकता है और भ्रम की स्थिति बन जाती है.

क्या स्पैम और स्कैम कॉल की समस्या खत्म होगी
CNAP स्पैम या स्कैम कॉल्स की पहचान नहीं करता, बल्कि सिर्फ रजिस्टर्ड नाम दिखाता है. ऐसे में यह जरूरी नहीं कि हर अनजान नाम वाला कॉल फ्रॉड ही हो. वहीं TrueCaller पर दिखने वाले नाम भी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होते, क्योंकि उन्हें यूजर्स एडिट कर सकते हैं. इसलिए CNAP के आने से कॉलर की पहचान बेहतर होगी, लेकिन स्पैम और स्कैम कॉल्स की समस्या पूरी तरह खत्म होना आसान नहीं है. First Updated : Friday, 02 January 2026