ऑनलाइन शॉपिंग अब होगी सस्ती! Amazon ने बढ़ाया जीरो रेफरल फीस का दायरा, 16 मार्च से बदलेंगे नियम
Amazon India ने 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट पर शिपिंग शुल्क 20% घटाने और 300-1000 रुपये तक जीरो रेफरल फीस लागू करने का ऐलान किया है. इससे सेलर्स की लागत घटेगी और ग्राहकों को सस्ती खरीदारी का फायदा मिल सकता है.

ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. ई-कॉमर्स बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज होने के बीच Amazon India ने फीस ढांचे में अहम बदलाव का ऐलान किया है. इस फैसले से न केवल ग्राहकों को सस्ते दाम पर सामान मिल सकता है, बल्कि प्लेटफॉर्म पर बेचने वाले सेलर्स को भी सीधा फायदा होगा.
कंपनी ने घोषणा की है कि 300 रुपये से कम कीमत वाले उत्पादों पर शिपिंग चार्ज में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. इससे छोटे और कम कीमत वाले सामान बेचने वाले व्यापारियों की लागत घटेगी. माना जा रहा है कि इसका असर ग्राहकों तक भी पहुंचेगा और उन्हें कम कीमत पर प्रोडक्ट मिल सकेंगे.
जीरो रेफरल फीस का दायरा बढ़ा
16 मार्च से 300 से 1000 रुपये की कीमत वाले उत्पादों के लिए जीरो रेफरल फीस का विस्तार किया गया है. इस फैसले के तहत करीब 1,800 कैटेगरी के प्रोडक्ट शामिल किए गए हैं. इससे पहले कंपनी 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर रेफरल फीस हटा चुकी थी. अब इस राहत को और ज्यादा श्रेणियों तक बढ़ाया जा रहा है.
रेफरल फीस क्या होती है?
रेफरल फीस वह कमीशन है जो प्लेटफॉर्म किसी भी प्रोडक्ट की बिक्री पर वसूलता है. आमतौर पर यह उत्पाद की कीमत का 2 प्रतिशत से लेकर 16.5 प्रतिशत तक हो सकता है. जब यह फीस घटती या खत्म होती है, तो सेलर्स की कमाई में बढ़ोतरी होती है और वे प्रतिस्पर्धी कीमत पर सामान बेच पाते हैं.
ईजी शिप सर्विस में भी कटौती
फीस में बदलाव के साथ कंपनी ने ईजी शिप सर्विस पर भी राहत दी है. इस मॉडल में सेलर्स अपने गोदाम या दुकान में सामान रखते हैं, जबकि पिकअप और डिलीवरी की जिम्मेदारी कंपनी संभालती है. अब 300 रुपये से कम कीमत वाले उत्पादों पर ईजी शिप शुल्क में 20 प्रतिशत की कमी की गई है. नए और छोटे सेलर्स के लिए यह सर्विस पहले से ही लोकप्रिय रही है, और अब कम शुल्क के कारण यह और आकर्षक हो सकती है.
प्रतिस्पर्धा में अन्य कंपनियां भी आगे
ई-कॉमर्स बाजार में फीस कम करने की यह होड़ नई नहीं है. Flipkart ने पिछले साल 1000 रुपये से कम कीमत वाले उत्पादों पर जीरो कमीशन मॉडल शुरू किया था. बाद में इसे अपने प्लेटफॉर्म शॉप्सी पर सभी प्रोडक्ट्स तक बढ़ा दिया गया. इससे पहले Meesho ने 2022 में जीरो-कमीशन मॉडल की शुरुआत की थी. उसका लक्ष्य छोटे और मध्यम कारोबारियों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ना था, खासकर टियर-2 और छोटे शहरों में.


