क्या आईफोन ने बदल दी दुनिया की फैमिली प्लानिंग? रिसर्च में हुआ चौंकाने वाल खुलासा
आमतौर पर माना जाता है कि किसी देश या समाज में जीवन स्तर बेहतर होने पर जन्म दर कम हो जाती है, लेकिन पिछले दो दशकों में शोधकर्ताओं ने एक अलग पैटर्न देखा है.

नई दिल्ली: दुनियाभर में लगातार घट रही जन्म दर को लेकर लंबे समय से बहस जारी है. आमतौर पर माना जाता है कि किसी देश या समाज में जीवन स्तर बेहतर होने पर जन्म दर कम हो जाती है, लेकिन पिछले दो दशकों में शोधकर्ताओं ने एक अलग पैटर्न देखा है. बता दें, अब दो नए अध्ययनों में दावा किया गया है कि स्मार्टफोन खासकर आईफोन इस वैश्विक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
NBER ने रिसर्च में क्या आया सामने
नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NBER) द्वारा प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, अमेरिका में 1980 से 2007 तक प्रजनन दर अपेक्षाकृत स्थिर रही लेकिन 2007 के बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई है. शोधकर्ताओं ने 2007 से 2011 के बीच आईफोन की उपलब्धता और जन्म दर के बीच संबंध का विश्लेषण किया. उस समय अमेरिका में आईफोन केवल AT&T नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध था, जिससे शोधकर्ताओं को विभिन्न क्षेत्रों की तुलना करने का अवसर मिला.
स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल
अध्ययन में पाया गया कि जिन इलाकों में आईफोन की पहुंच अधिक थी, वहां किशोर और युवा महिलाओं में जन्म दर में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट देखी गई. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि उस अवधि में अमेरिका की कुल प्रजनन दर में आई गिरावट का एक बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़ा हो सकता है.
सामाजिक व्यवहार में आया बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन ने लोगों के सामाजिक व्यवहार में बदलाव किया। इसी वजह से लोगों के आमने-सामने मिलने-जुलने का समय कम हो गया है जबकि ऑनलाइन गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई. इससे यौन संबंधों की आवृत्ति में कमी आ सकती है. इसके साथ ही, युवाओं को गर्भनिरोधक उपायों, यौन स्वास्थ्य और गर्भावस्था से बचाव संबंधी जानकारी तक आसान पहुंच भी मिली है.
एक और स्टडी आई सामने
एक अन्य अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में 128 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है. इसमें पाया गया कि स्मार्टफोन के तेजी से प्रसार के बाद कई देशों में किशोर प्रजनन दर में गिरावट आई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह किसी एक देश तक सीमित नहीं बल्कि एक वैश्विक तकनीकी बदलाव का प्रभाव हो सकता है. हालांकि दोनों अध्ययनों ने स्पष्ट किया है कि जन्म दर में गिरावट के लिए केवल स्मार्टफोन जिम्मेदार नहीं हैं. आर्थिक परिस्थितियां, शिक्षा, करियर विवाह और सामाजिक बदलाव इन सभी पीछे एक कारण है.


