नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) यानी डिजिटल रुपये के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नया अभियान शुरू किया है. इस पहल के तहत RBI वॉट्सऐप के माध्यम से नागरिकों तक आधिकारिक संदेश भेज रहा है, ताकि डिजिटल रुपये के उपयोग, उसकी सुरक्षा और उससे जुड़े तथ्यों की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा सके.
RBI का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को यह समझाना है कि डिजिटल रुपया देश की आधिकारिक डिजिटल मुद्रा है, जिसे केंद्रीय बैंक जारी करता है. यह कागजी नोटों और सिक्कों का डिजिटल विकल्प है और इसमें केंद्रीय बैंक की संप्रभु गारंटी शामिल होती है.
बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए रिजर्व बैंक ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है. बैंक ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल रुपये से जुड़े किसी भी संदेश की सत्यता जांचना बेहद जरूरी है. अगर किसी वॉट्सऐप संदेश में मुफ्त डिजिटल रुपया, केवाईसी अपडेट या किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने का दावा किया जाए, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि ऐसे संदेश धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकते हैं.
RBI ने लोगों से कहा है कि वे केवल उसके सत्यापित बिजनेस अकाउंट से आए संदेशों पर ही भरोसा करें. आधिकारिक अकाउंट पर वेरिफिकेशन बैज, रिजर्व बैंक की प्रोफाइल और अधिकृत बिजनेस जानकारी उपलब्ध रहती है. इसके अलावा, बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह स्वयं कोई "RBI Digital Rupee App" उपलब्ध नहीं कराता.
डिजिटल रुपये का उपयोग केवल अधिकृत वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से किया जा सकता है, जिन ग्राहकों का खाता इस पायलट परियोजना में शामिल बैंको जैसे SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, Bank of Baroda और अन्य अधिकृत बैंकों में है, वे अपने बैंक के आधिकारिक डिजिटल रुपया ऐप को Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड कर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
रिजर्व बैंक का कहना है कि RBI कहता है जन-जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों तक सही और प्रमाणिक बैंकिंग जानकारी पहुंचाना, डिजिटल रुपये को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है. बैंक ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या फर्जी ऐप से बचें. First Updated : Sunday, 12 July 2026