नई दिल्ली: सैमसंग अपनी अगली फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज Galaxy S26 को अगले साल की शुरुआत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, लेकिन लॉन्च से पहले ही कंपनी एक बड़ी दुविधा में फंसी नजर आ रही है. दरअसल, अभी तक Galaxy S26 लाइनअप की कीमत को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है, क्योंकि इसके निर्माण की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेमोरी चिप्स और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों ने सैमसंग का बजट बिगाड़ दिया है. कंपनी कीमत बढ़ाने से बचना चाहती है, क्योंकि इससे बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. वहीं, कीमत न बढ़ाने की स्थिति में सैमसंग को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिसके लिए कंपनी फिलहाल तैयार नहीं दिख रही है.
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सैमसंग अपने पहले ट्राईफोल्ड स्मार्टफोन Galaxy Z TriFold को घाटे में बेच रही है. बताया गया है कि इस फोन को बनाने की लागत उसकी बिक्री कीमत से ज्यादा है. चूंकि यह एक प्रीमियम और सीमित यूनिट्स वाला डिवाइस है, इसलिए सैमसंग इस नुकसान को फिलहाल सहन कर रही है.
हालांकि, Galaxy S26 सीरीज के मामले में कंपनी ऐसा जोखिम नहीं उठा सकती. यह सीरीज बड़े पैमाने पर बिकने वाली है और इसमें होने वाला नुकसान कंपनी की वित्तीय स्थिति पर सीधा असर डाल सकता है. इसी वजह से सैमसंग कीमत को लेकर गहन विचार-विमर्श कर रही है और अंतिम फैसला लेने में समय लग सकता है.
सैमसंग को सबसे बड़ी चुनौती मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों से मिल रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले साल मेमोरी चिप्स के दाम 30 से 40 प्रतिशत तक और बढ़ सकते हैं. इसके अलावा कंपनी अपने Exynos चिपसेट पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह सकती और उसे क्वालकॉम से Snapdragon प्रोसेसर खरीदने के लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है.
केवल चिपसेट ही नहीं, बल्कि OLED डिस्प्ले की लागत भी लगातार बढ़ रही है. इन्हीं कारणों से सैमसंग अब OLED पैनल की सप्लाई के लिए एक चीनी कंपनी से बातचीत कर रही है. गौर करने वाली बात यह है कि यह दबाव सिर्फ सैमसंग पर ही नहीं है, बल्कि दूसरी स्मार्टफोन कंपनियां भी महंगाई की मार झेल रही हैं. उदाहरण के तौर पर, शाओमी अपने अपकमिंग स्मार्टफोन्स को बढ़ी हुई कीमत पर लॉन्च करने की योजना बना रही है.
इन तमाम कारणों को देखते हुए माना जा रहा है कि Galaxy S26 सीरीज की कीमत को लेकर सैमसंग को अंतिम फैसला लेने में अभी थोड़ा और समय लग सकता है. कंपनी संतुलन बनाने की कोशिश में है, ताकि न तो बिक्री प्रभावित हो और न ही उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़े.
First Updated : Saturday, 27 December 2025