अगर आप Gmail का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. गूगल ने अपने करोड़ों यूजर्स को चेतावनी दी है कि उनके अकाउंट्स पर AI-चालित फिशिंग अटैक्स का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ये साइबर हमले इतने एडवांस हो चुके हैं कि अब ये गूगल सपोर्ट जैसी असली सर्विस का रूप धारण कर रहे हैं, जिससे यूजर्स भ्रमित हो रहे हैं और अपने लॉगिन डिटेल्स साझा कर बैठते हैं.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, अब समय आ गया है कि यूजर्स पारंपरिक पासवर्ड छोड़कर नई तकनीक, जैसे कि पासकी (Passkey) की ओर बढ़ें, जो फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या डिवाइस लॉक से सुरक्षित लॉगिन की सुविधा देती है. आइए जानते हैं कि गूगल क्यों दे रहा है ये चेतावनी और आपको तुरंत क्या करना चाहिए.
साइबर सिक्योरिटी फर्म Check Point के अनुसार, 2025 में गूगल सबसे ज्यादा फिशिंग हमलों में इस्तेमाल होने वाले ब्रांड्स में दूसरे नंबर पर है, पहले स्थान पर माइक्रोसॉफ्ट है. इन हमलों में हमलावर गूगल सपोर्ट का रूप धरकर यूजर्स से पासवर्ड और पर्सनल डिटेल्स मांगते हैं. AI की मदद से तैयार ये फर्जी ईमेल्स और नोटिफिकेशन इतने असली लगते हैं कि पहचानना मुश्किल हो गया है.
गूगल ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह कभी भी फोन कॉल या ईमेल के ज़रिए पासवर्ड रिसेट करने या सिक्योरिटी ठीक करने की मांग नहीं करता. अगर कोई खुद को गूगल बताकर ऐसा कर रहा है, तो वो ठगी है. "Google कभी भी आपका पासवर्ड रीसेट करने या सुरक्षा संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए आपको कॉल या ईमेल नहीं करेगा। अगर कोई व्यक्ति Google होने का दावा करता है और आपकी लॉगिन जानकारी मांगता है, तो यह एक घोटाला है।"
गूगल यूजर्स को सलाह दे रहा है कि वे पारंपरिक पासवर्ड की जगह अब Passkey का इस्तेमाल शुरू करें. पासकी एक आधुनिक और सुरक्षित तरीका है जिसमें लॉगिन फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या डिवाइस लॉक के जरिए होता है. यही नहीं, इसका इस्तेमाल थर्ड पार्टी ऐप्स में भी किया जा सकता है.
1 मई को जहां पहले World Password Day मनाया जाता था, वहीं अब इसे टेक कंपनियां World Passkey Day के रूप में मना रही हैं. ये बदलाव इस बात को दर्शाता है कि पासवर्ड पुरानी बात हो गई है और अब बेहतर सुरक्षा के लिए पासकी अनिवार्य हो गई है.
यूजर्स को चाहिए कि वे अपने पासवर्ड अपडेट करें. 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें (SMS की जगह ट्रस्टेड डिवाइस या ऐप इस्तेमाल करें. इसके साथ ही पासकी एक्टिवेट करें.
AI तकनीक ने फिशिंग अटैक्स को इतना एडवांस बना दिया है कि अब पारंपरिक सुरक्षा उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं. अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी FBI और FIDO Alliance जैसी संस्थाएं अब पासकी को वैकल्पिक नहीं, बल्कि आवश्यक मान रही हैं. “यह अब वैकल्पिक नहीं है, यह आवश्यक है।” First Updated : Saturday, 03 May 2025