Bengaluru MG Road Viral Photo: सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां हर दिन कोई न कोई फोटो और वीडियो वायरल हो जाता है. इस बीच एक ऐसा ही फोटो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जो सालों पुरानी है. यह फोटो बेंगलुरु की मशहूर MG रोड की है जिसमें शांत सड़क दिखाई दे रही है. इस फोटो में आप देख सकते हैं कि आज जिस MG रोड पर ट्रैफिक का जाम रोजमर्रा की बात हो गई है, वहां सालों पहले सुकून और शांति का नजारा हुआ करता था.
वायरल हो रही तस्वीर 1950 की बताई जा रही है, जिसमें बेंगलुरु की मशहूर MG रोड पर गाड़ियों की पार्किंग का नजारा देखा जा सकता है. यह तस्वीर उस दौर की यादें ताजा कर रही है जब यह शहर इतना व्यस्त और भीड़भाड़ वाला नहीं था.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो को X (पहले ट्विटर) पर "Indian History Pics" ने शेयर किया. इस तस्वीर में सड़क किनारे विंटेज कारें और साइकिल रिक्शा नजर आ रहे हैं. कैप्शन में लिखा गया है - "1950: एम.जी. रोड, बैंगलोर पर कार पार्किंग. "इस पोस्ट को अब तक 36.6K से ज्यादा बार देखा जा चुका है और हजारों लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
कई यूजर्स ने बेंगलुरु के पुराने आकर्षण की तारीफ की, तो कुछ ने शहर की बदली हुई आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की. एक यूजर ने लिखा, "बेंगलुरु उस दौर में स्वर्ग जैसा रहा होगा. वही एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा है, "ऐसा लग रहा है जैसे वहां कभी बर्फबारी हुई हो. तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, "यह शहर कभी बहुत खूबसूरत था, लेकिन अव्यवस्थित विकास और गलत प्रबंधन ने इसकी सुंदरता बिगाड़ दी."
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि भले ही बेंगलुरु में भीड़ और ट्रैफिक बढ़ गया हो, लेकिन अब जीवन स्तर बेहतर हो गया है. एक यूजर ने लिखा, "पहले 75% लोग गरीबी रेखा से नीचे थे, लेकिन आज लगभग हर किसी के पास स्मार्टफोन है." एक अन्य यूजर ने सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए लिखा, "फिर सरकार ने बीच में मेट्रो लाइन बना दी और इसकी खूबसूरती को खत्म कर दिया."
आज बेंगलुरु को भारत की आईटी कैपिटल कहा जाता है. जैसे-जैसे आईटी सेक्टर का विकास हुआ, देशभर से लोग यहां बसने लगे. इसने शहर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया, लेकिन साथ ही अत्यधिक शहरीकरण भी बढ़ा दिया. यही वजह है कि आज बेंगलुरु का MG रोड ट्रैफिक जाम, मेट्रो लाइन और हाई-राइज बिल्डिंग्स का केंद्र बन चुका है. क्या आपको भी पुराने बेंगलुरु की याद आती है? नीचे कमेंट में बताएं कि आप इस बदलाव को कैसे देखते हैं. First Updated : Tuesday, 18 March 2025