सैलरी नहीं, खुशी चुनी! Amazon की नौकरी छोड़ बना कैब ड्राइवर, वजह ने जीता सभी का दिल
हैदराबाद के एक पूर्व Amazon कर्मचारी की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, क्योंकि उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर जो रास्ता चुना वो सभी को हौरान और प्रेरित कर रहा है.

नई दिल्ली: आज के दौर में ज्यादातर लोग अच्छी सैलरी और बड़ी कंपनियों में नौकरी पाने को सफलता का पैमाना मानते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने दिल की सुनते हैं और वही करते हैं जिससे उन्हें सच्ची खुशी मिलती है. हैदराबाद के एक शख्स की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है. कभी Amazon जैसी बड़ी कंपनी में काम करने वाले इस व्यक्ति ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कैब ड्राइवर बनने का फैसला किया. हैरानी की बात यह है कि उन्होंने यह कदम किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि अपने शौक और जुनून को जीने के लिए उठाया.
इस प्रेरणादायक कहानी को सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट क्रिएटर चेतना सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किया. एक दिन जब वह उबर कैब से सफर कर रही थीं, तब उनकी मुलाकात ड्राइवर कुमार से हुई. बातचीत के दौरान कुमार ने अपने जीवन से जुड़ी ऐसी बात बताई जिसने चेतना को भी हैरान कर दिया. वीडियो में शुरुआत में बताया गया कि कुमार पहले Amazon में काम करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर Uber और Rapido के साथ ड्राइविंग शुरू कर दी. यह जानकर कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि एक बड़ी कंपनी की नौकरी छोड़कर किसी ने अपनी पसंद के काम को चुना.
ड्राइविंग सिर्फ नौकरी नहीं, जुनून है
बातचीत के दौरान कुमार ने बताया कि उन्हें ड्राइविंग करना बेहद पसंद है. उनके लिए यह केवल रोजी-रोटी कमाने का जरिया नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने का एक माध्यम भी है. उन्होंने कहा कि हर दिन अलग-अलग लोगों से मिलना, उनकी बातें सुनना और उनकी जिंदगी के अनुभवों को जानना उन्हें अच्छा लगता है. कई बार उन्हें दूसरे राज्यों और देशों से आए यात्रियों से मिलने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें नई चीजें सीखने को मिलती हैं. कुमार के अनुसार, इस पेशे ने उन्हें हैदराबाद शहर को और करीब से जानने का अवसर भी दिया है. शहर की गलियों, लोगों और संस्कृति से जुड़ाव उनके काम को और भी खास बना देता है.
सामाजिक दबाव से ऊपर रखा अपनी खुशी को
भारत जैसे देश में अक्सर लोग परिवार, समाज और जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं. ऐसे माहौल में कुमार का फैसला काफी अलग नजर आता है. चेतना सिंह ने भी वीडियो के साथ लिखा कि किसी ऐसे व्यक्ति से मिलना प्रेरणादायक था जिसने समाज की अपेक्षाओं से ज्यादा अपनी खुशी और संतुष्टि को महत्व दिया. उनका मानना है कि बहुत कम लोग अपने मन का काम चुनने का साहस कर पाते हैं.
2014 से चला रहे हैं कैब
जब कुमार से पूछा गया कि वह कब से ड्राइविंग कर रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि Amazon की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने वर्ष 2014 में Uber से जुड़कर यह सफर शुरू किया था. करीब एक दशक से ज्यादा समय में उन्होंने 23,600 से अधिक यात्राएं पूरी की हैं. यह आंकड़ा सुनकर कई लोग हैरान रह गए. इससे साफ है कि उन्होंने अपने काम को पूरी लगन और ईमानदारी से किया है.
लोगों ने की जमकर तारीफ
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने कुमार की सोच और फैसले की सराहना की. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी उन्हें अपने पुराने सपनों और शौक को फिर से याद दिलाती है. एक यूजर ने लिखा कि जिंदगी में वही काम करना चाहिए जिससे खुशी मिले. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि कुमार ने भीड़ के पीछे चलने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाई है.
कई लोगों का मानना है कि सफलता सिर्फ बड़ी नौकरी या ऊंची सैलरी से नहीं मापी जा सकती. असली सफलता वही है जब इंसान अपने काम से संतुष्ट और खुश महसूस करे. कुमार की कहानी इसी सोच को मजबूत करती है और यह संदेश देती है कि अगर जुनून सच्चा हो तो हर रास्ता खास बन सकता है.


