जयपुर: राजस्थान के उदयपुर जिले में एक परिवार में उस समय दहशत में फैल गई, जब उनके घर के पीछे बने ट्यूबवेल चेंबर से एक या दो नहीं बल्कि 23 जहरीले सांप बाहर निकल आए. बता दें, ये घटना प्रतापनगर क्षेत्र के ढीकली गांव में सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया. हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू टीम को दे दी गई, जिससे बड़ा हादसा होने से पहले ही उसे टाला जा सका.
जानकारी के अनुसार, परिवार के लोगों ने सबसे पहले चेंबर के आसपास एक सांप को घूमते देखा. इस दौरान खतरे की आशंका को देखते हुए उन्होंने तुरंत वन्यजीव रेस्क्यू टीम को बुलाया. वहीं मौके पर पहुंची टीम ने जब ट्यूबवेल चेंबर की जांच शुरू की तो वहां का नजारा देखकर सभी चौंक गए.
बता दें, घटना के दौरान टीम ने रेस्क्यू अभियान के जरिए चेंबर के अंदर से एक बड़ी मादा सांप और उसके 22 नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद परिवारों वालों ने राहत की सांस ली. बताया जा रहा है, ये सभी सांप रसेल वाइपर प्रजाति के थे, जिन्हें भारत के सबसे खतरनाक और विषैले सांपों में गिना जाता है. लेकिन लगभग आधे घंटे तक चले अभियान में सभी सांपों को सावधानीपूर्वक पकड़ा जा सका और बड़ा खतरा टल गया.
रेस्क्यू टीम बताया कि रसेल वाइपर अन्य कई सांपों से अलग होते हैं. सामान्य धारणा के विपरीत यह प्रजाति अंडे नहीं देती, बल्कि सीधे जीवित बच्चों को जन्म देती है. प्रजनन के बाद मादा सांप जून-जुलाई के दौरान बच्चों को जन्म देती है और उनके लिए सुरक्षित स्थान तलाशती है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मानसून से पहले सांप अक्सर ऐसे ठंडे और सुरक्षित स्थानों की तलाश करते हैं, जहां वे अपने बच्चों को बाहरी खतरों से बचा सकें. ट्यूबवेल चेंबर भी इसी वजह से मादा सांप के लिए सुरक्षित स्थान बन गया था.
घटना के बाद पूरे गांव में कुछ समय के लिए भय का माहौल बन गया, लेकिन रेस्क्यू टीम ने सभी 23 सांपों को सुरक्षित पकड़कर आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया है. ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए टीम के प्रयासों की सराहना की है. विशेषज्ञों ने लोगों से बरसात के मौसम में घरों के आसपास बने बंद स्थानों और गड्ढों की नियमित जांच करने की भी अपील की है. First Updated : Thursday, 11 June 2026