Bike Accident के बाद भी काम पर आने को तैयार था कर्मचारी, बॉस के जवाब ने जीता लोगों का दिल

बाइक दुर्घटना के बाद भी एक कर्मचारी काम पर लौटने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसके बॉस ने ऐसा जवाब दिया जिसने सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया. वायरल चैट में काम से ज्यादा कर्मचारी की सेहत को प्राथमिकता दी गई, जिसे लोग आदर्श कार्य संस्कृति की मिसाल बता रहे हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक ऐसा किस्सा वायरल हो रहा है, जिसने हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. यह कहानी एक कर्मचारी और उसके बॉस के बीच हुई बातचीत की है, जिसमें काम से ज्यादा कर्मचारी की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई. यही वजह है कि लोग इस बॉस की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

बाली की एक फाउंडर द्वारा साझा किए गए इस अनुभव को सोशल मीडिया यूजर्स प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं. वायरल पोस्ट में दिखाया गया है कि किस तरह एक कर्मचारी बाइक दुर्घटना के बाद भी ऑफिस आने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसके बॉस ने उसे आराम करने और इलाज कराने की सलाह दी.

सोशल मीडिया पर शेयर किया स्क्रीनशॉट

इंडोनेशिया के बाली की रहने वाली फाउंडर frolga ने थ्रेड्स पर एक पोस्ट साझा की. इस पोस्ट में उन्होंने व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट अपलोड किया, जिसमें उनके और एक कर्मचारी के बीच हुई बातचीत दिखाई गई है.

यह बातचीत केवल ऑफिस और छुट्टी तक सीमित नहीं थी, बल्कि कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय सोच की मिसाल भी पेश करती है.

एक्सीडेंट के बाद भी काम पर आने की थी तैयारी

वायरल चैट के अनुसार, कर्मचारी का बाइक एक्सीडेंट हो गया था. इसके बावजूद वह खुद को बेहतर महसूस होने पर ऑफिस आने की बात कर रहा था. उसने यह भी बताया कि दवा लेकर वह अपना काम जारी रख सकता है.

हालांकि, फाउंडर का नजरिया इससे अलग था. उन्होंने कर्मचारी की स्थिति को देखते हुए उसकी सेहत को प्राथमिकता देने का फैसला किया.

बॉस ने कहा- पहले इलाज जरूरी है

बातचीत के दौरान फाउंडर ने कर्मचारी को स्पष्ट रूप से सलाह दी कि वह घर पर आराम करे और सबसे पहले अस्पताल जाकर अपनी जांच और इलाज करवाए.

उन्होंने यह भी कहा कि केवल दवा लेने से काम नहीं चलेगा और स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. फाउंडर का पूरा जोर इस बात पर था कि कर्मचारी पहले पूरी तरह स्वस्थ हो, उसके बाद ही काम के बारे में सोचे.

सोशल मीडिया पर लोगों ने की सराहना

पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने फाउंडर के रवैये की जमकर प्रशंसा की. कई लोगों ने इसे एक आदर्श कार्य संस्कृति का उदाहरण बताया, जहां कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता दी जाती है.

यूजर्स का कहना है कि किसी भी संस्थान की सफलता केवल काम से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार से भी तय होती है.

इंसानियत को मिली प्राथमिकता

वायरल हो रही इस बातचीत को लोग इस बात का उदाहरण मान रहे हैं कि कार्यस्थल पर मानवीय दृष्टिकोण कितना महत्वपूर्ण होता है. कर्मचारी की स्थिति को समझते हुए उसे आराम और उपचार के लिए प्रेरित करना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

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