दादी की तेरहवीं पर पोतों ने नचवा दी लड़कियां, ऑर्केस्ट्रा देखने जुट गया मोहल्ला

दादी की तेरहवीं पर आयोजित कथित ऑर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो को लेकर लोगों के बीच परंपरा, संस्कृति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बहस छिड़ गई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

वायरल: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. आमतौर पर किसी परिजन के निधन के बाद परिवार शोक की स्थिति में रहता है और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में सादगी के साथ पूरी की जाती हैं. लेकिन वायरल वीडियो में एक परिवार ने अपनी बुजुर्ग महिला सदस्य की तेरहवीं पर ऐसा आयोजन किया, जिसे देखकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

कार्यक्रम देखने जुटी भीड़ 

वीडियो में एक बड़े मंच पर संगीत और मनोरंजन का कार्यक्रम चलता दिखाई देता है. मंच पर ऑर्केस्ट्रा कलाकार प्रस्तुति दे रहे हैं, जबकि कुछ महिला डांसर भी प्रदर्शन करती नजर आ रही हैं. कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बच्चे और आसपास के निवासी वहां मौजूद दिखाई देते हैं. कई लोग इस आयोजन को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते भी नजर आते हैं.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के साथ दावा किया गया है कि यह कार्यक्रम परिवार की दादी की तेरहवीं के अवसर पर आयोजित किया गया था. जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला के निधन के बाद 13वें दिन आयोजित रस्म के दौरान परिवार के कुछ सदस्यों ने पारंपरिक शोक सभा की जगह मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन कराया. बताया जा रहा है कि इसके लिए पेशेवर ऑर्केस्ट्रा और डांस कलाकारों को बुलाया गया था. कार्यक्रम में तेज संगीत बजाया गया और देर तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चलती रहीं.

सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है. बड़ी संख्या में लोगों ने इस आयोजन को परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के विपरीत बताया है. कई यूजर्स का कहना है कि तेरहवीं जैसे धार्मिक और भावनात्मक अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन उचित नहीं माना जा सकता. कुछ लोगों ने इसे दिवंगत व्यक्ति के प्रति सम्मान की भावना के विपरीत बताया.

हालांकि, कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने यह भी कहा कि हर परिवार की अपनी मान्यताएं और शोक व्यक्त करने का तरीका हो सकता है. उनका तर्क है कि यदि परिवार ने अपनी इच्छा से कार्यक्रम आयोजित किया है तो इसे व्यक्तिगत निर्णय के रूप में भी देखा जा सकता है.

भारतीय समाज में तेरहवीं का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है. इस अवसर पर आमतौर पर पूजा-पाठ, दान-पुण्य और मृतक की आत्मा की शांति के लिए अनुष्ठान किए जाते हैं. ऐसे में वायरल वीडियो ने परंपरा, संस्कृति और बदलती सामाजिक सोच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

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