भारत की पहली महिला बारटेंडर ने बच्चे को गोद में लेकर आग की बोतलों से जादूगरी की, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा, देखें Video

Kavita Medhar First Female Bartender: भारत की पहली महिला बारटेंडर ने एक वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया, जिसमें वे एक हाथ में अपनी नन्हीं बच्ची को थामे हुए आग की बोतलों के साथ जादुई कला दिखा रही हैं. इस प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान तो खींचा लेकिन साथ ही ऑनलाइन आलोचनाओं का भी तूफान उठ खड़ा हुआ.

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Kavita Medhar First Female Bartender:  भारत की पहली महिला फ्लेयर बारटेंडर कविता मेधार एक वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवादों के घेरे में आ गई हैं. इस वीडियो में वह एक बच्चे को गोद में लिए हुए आग से भरी बोतलों के साथ कला दिखा रही हैं. वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है और अब तक इसे 2.6 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है. हालांकि कुछ लोगों ने उनकी कला और आत्मविश्वास की तारीफ की, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने इसे बच्चे की जान को खतरे में डालने वाला बताया.

यह वीडियो नवरात्रि के दौरान कार्यक्रम का लग रहा है जहां कविता मेधार को फ्लेयर बारटेंडिंग के अपने हुनर का प्रदर्शन करते देखा गया. लेकिन उनके इस प्रदर्शन के दौरान बच्चे को गोद में रखने को लेकर इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ गई है.

कौन हैं कविता मेधार?

कर्नाटक की रहने वाली कविता मेधार भारत की पहली महिला फ्लेयर बारटेंडर के रूप में जानी जाती हैं. एक छोटे से किसान परिवार से आने वाली कविता ने अपने परिवार की मदद के लिए बारटेंडिंग को चुना और इस पुरुष प्रधान पेशे में अपनी अलग पहचान बनाई. फ्लेयर बारटेंडिंग एक खास तरह की कला है जिसमें बारटेंडर बोतलों और उपकरणों को नृत्यात्मक अंदाज में उछालकर मेहमानों का मनोरंजन करते हैं. 2021 में उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था और 2022 में उन्होंने इंडियाज गॉट टैलेंट में हिस्सा लिया, जहां उनकी परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया.

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

जहां कई लोगों ने कविता के हुनर की तारीफ की वहीं कुछ ने इसे 'गैर जिम्मेदाराना' करार दिया. एक यूजर ने लिखा कि ऐसे बच्चे के साथ वीडियो नहीं बनाना चाहिए. एक अन्य ने कमेंट किया कि 'टैलेंट की कद्र है लेकिन बच्चे की जिंदगी का रिस्क लेना सही नहीं है. एक यूजर ने कहा कि हुनर को सलाम, लेकिन इस एक्ट में बच्चे का होना सही नहीं था. कुछ गलत हो जाता तो पछतावे से कुछ नहीं बदलता.

वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने कविता का समर्थन करते हुए आलोचना को जरूरत से ज्यादा कड़ा बताया. एक कमेंट में लिखा गया कि 'बाधाएं तोड़ने के लिए उन्हें सलाम, लेकिन यह तरीका सही नहीं था.' एक अन्य यूजर ने कहा कि वो बेहद टैलेंटेड हैं लेकिन एक मां होने के नाते उन्हें बच्चे की सुरक्षा पहले रखनी चाहिए थी. First Updated : Sunday, 05 October 2025