नई दिल्ली: दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में शामिल चीन की सड़कों और सार्वजनिक जगहों की सफाई देखकर एक भारतीय महिला टूरिस्ट हैरान रह गई. महिला ने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद इंटरनेट पर लोगों के बीच स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और भारत की व्यवस्था को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई. वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं.
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @pahadan_____ नाम के अकाउंट से शेयर किया गया. वीडियो में महिला टूरिस्ट सृष्टि चीन की साफ-सुथरी सड़कों, व्यवस्थित सार्वजनिक जगहों और लोगों की आदतों की तारीफ करती नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा कि अक्सर लोग भारत में गंदगी के लिए सिर्फ बढ़ती आबादी को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन चीन की जनसंख्या भी बेहद ज्यादा है. इसके बावजूद वहां सार्वजनिक जगहों पर गंदगी लगभग दिखाई नहीं देती. सृष्टि ने बताया कि वहां की सफाई व्यवस्था देखकर वह खुद हैरान रह गईं.
वीडियो में महिला ने बताया कि चीन में लोग सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं रहते, बल्कि खुद भी सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. उनके मुताबिक, वहां लोग छोटी से छोटी चीज भी सड़क पर नहीं फेंकते. उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई रैपर या छोटा कचरा दिखाई देता है, तो लोग उसे उठाकर डस्टबिन में डाल देते हैं. यही आदत वहां की साफ-सफाई को बनाए रखने में सबसे बड़ी वजह है. सृष्टि ने यह भी कहा कि चीन में नियमों का पालन बहुत सख्ती से किया जाता है. चाहे बाजार हो, रेलवे स्टेशन हो या भीड़भाड़ वाला इलाका, हर जगह लोग सफाई का खास ध्यान रखते हैं.
महिला टूरिस्ट ने साफ कहा कि भारत और चीन के बीच सबसे बड़ा अंतर सिर्फ सरकारी व्यवस्था का नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार का है. उन्होंने कहा कि चीन में लोग सार्वजनिक संपत्ति को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं. उनके अनुसार, भारत में अक्सर लोग हर समस्या के लिए सरकार को दोष देते हैं, लेकिन नागरिक जिम्मेदारी निभाने में पीछे रह जाते हैं. वीडियो के कैप्शन में भी उन्होंने लिखा कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी नीति नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने महिला की बातों का समर्थन किया और कहा कि भारत में भी लोगों को अपनी आदतों में बदलाव लाने की जरूरत है. एक यूजर ने लिखा कि स्वच्छ शहर केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों से बनते हैं. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि बच्चों को स्कूल स्तर से ही सिविक सेंस और सार्वजनिक जिम्मेदारी की शिक्षा दी जानी चाहिए. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत में सफाई को लेकर सख्त नियम और जुर्माने की जरूरत है, ताकि लोग सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने से बचें. First Updated : Saturday, 23 May 2026