बेंगलुरु : सोशल मीडिया पर हमें आय दिन कुछ न कुछ अजीबोगरीब खबर पढ़ने को मिलते रहते है. आज कुछ इसी तरह का एक मामला बेंगलुरु से सामने आया है. यहां एक महिला जो पिछले कुछ महीनों से बेरोजगारी का मार झेल रही है. उसने इंस्टाग्राम पर अपने खर्चे का एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें उसने बताया कि वर्तमान में वह बेरोजगार है. ऐसे में वह अपने खर्च के बारे में बता रही है. उसकी यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.
महिला ने अपने खर्च के बारे में खुलकर बताया
आपको बता दें कि बेंगलुरु में एक 30 साल की बेरोजगार महिला ने इंस्टाग्राम पर अपना जनवरी का खर्चा खुलकर बताया है, जिससे सोशल मीडिया पर काफी चर्चा छिड़ गई है. यह वीडियो @social_coded नाम से मशहूर निकिता ने शेयर किया, कैप्शन था “January expense breakdown in unemployment”. सात महीने से नौकरी न मिलने के बावजूद वह कैसे गुजारा कर रही है, इसकी पूरी डिटेल दी.
मां से 30 हजार रुपये उधार लिए
आपको बता दें कि वीडियो में निकिता ने बताया कि इस महीने उसने अपनी मां से 30 हजार रुपये उधार लिए. इसके साथ ही उसने अपने मुख्य खर्चे के बारे में बताए, जो इस तरह है किराया 13 हजार रुपये, बिजली, वाई-फाई, फोन रिचार्ज, पानी और गैस जैसे बिल मिलाकर काफी रकम गई. खाने-पीने पर (घर का सामान और बाहर खाना) 8,402 रुपये खर्च हुए. ट्रांसपोर्ट और छोटे-मोटे कामों पर 4,284 रुपये लगे.स्वास्थ्य और सेल्फ-केयर पर भी खर्चा किया डॉक्टर-दवाई के अलावा फेशियल, वैक्सिंग और मसाज पर करीब 5 हजार रुपये. शॉपिंग पर 1,398 और दोस्तों के साथ मूवी-घूमने पर 1,331 रुपये खर्च हुए.
बेरोजगारी में भी 2 हजार रुपये SIP
गौरतलब है कि, अच्छी बात यह कि बेरोजगारी के दौर में भी उसने 2 हजार रुपये SIP में निवेश किए, लेकिन एस्ट्रोलॉजी ऐप पर 800 रुपये खर्च करने पर उसे अफसोस हुआ. आखिर में बोली, “यह महंगा महीना था, आप खुद हिसाब लगा लो.”सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग आईं. कई ने सलाह दी कि ऑनलाइन टीचिंग शुरू करे, अमेरिका-कनाडा के स्टूडेंट्स को पढ़ाकर अच्छी कमाई हो सकती है. कोई बोला, “मेरा भाई भी ऐसे ही मुश्किल वक्त में मदद कर रहा है.”
महंगी जगह पर बेरोजगारी में रहना
एक यूजर ने लिंक्डइन कंसल्टिंग के बारे में और जानना चाहा, क्योंकि उसकी प्रोफाइल ग्रो कर रही है.यह वीडियो न सिर्फ बेंगलुरु जैसी महंगी जगह पर बेरोजगारी की मुश्किल दिखाता है, बल्कि फैमिली सपोर्ट, इमरजेंसी फंड और छोटी-छोटी कमाई से कैसे संभाला जाता है, उसकी हकीकत भी बयां करता है. साथ ही परिवार नियोजन और फाइनेंशियल प्लानिंग पर भी सोचने को मजबूर करता है, क्योंकि नौकरी न होने पर खर्चे कितने जल्दी बढ़ जाते हैं.
First Updated : Sunday, 08 February 2026