कुदरत के रहस्यों को पूरी तरह समझना इंसान के लिए अभी भी मुमकिन नहीं हुआ है. कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो दहशत पैदा कर देती हैं. हाल ही में स्पेन के तट पर एक बेहद दुर्लभ 'डूम्सडे फिश' यानी 'प्रलय की मछली' देखी गई, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है. इस मछली के दिखने के बाद से ही लोग किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा की आशंका जता रहे हैं.
बीते दिनों अटलांटिक महासागर के कैनरी द्वीपसमूह के पास स्पेनिश शहर लास पालमास के समुद्री तट पर एक विशाल ओरफिश बहकर आई. तट पर आते ही यह मछली कुछ देर तक तड़पती रही और फिर दम तोड़ दिया. यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर ली, जिसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो गया.
ओरफिश को आमतौर पर 'डूम्सडे फिश' कहा जाता है. यह मछली समुद्र की गहराइयों में रहती है और सतह पर बहुत कम नजर आती है. जापानी लोककथाओं के अनुसार, जब यह मछली सतह पर दिखती है, तो यह भूकंप या सुनामी जैसी किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा का संकेत होती है. 2011 में जापान के फुकुशिमा में आए भूकंप से पहले भी ओरफिश समुद्र किनारे देखी गई थी. पिछले साल अमेरिका के कैलिफोर्निया में ओरफिश नजर आई थी, जिसके कुछ समय बाद लॉस एंजिल्स में भूकंप आया था.
ओरफिश का आकार अन्य मछलियों से काफी अलग होता है. यह सिल्वर कलर की लंबी और चमकदार होती है. इसके सिर पर लाल रंग की एक छोटी हड्डी होती है, जो इसे और भी रहस्यमयी बनाती है. यह मछली करीब 11 मीटर (36 फीट) तक लंबी हो सकती है. वायरल वीडियो में एक व्यक्ति इसे दोबारा पानी में छोड़ने की कोशिश करता नजर आया, लेकिन तब तक इस मछली की मौत हो चुकी थी.
वैज्ञानिकों का मानना है कि ओरफिश के दिखने और प्राकृतिक आपदा के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है. यह मछली तभी सतह पर आती है, जब वह बीमार होती है या रास्ता भटक जाती है. समुद्र किनारे आने के बाद यह जिंदा नहीं रह पाती.
@insidehistory नाम के इंस्टाग्राम हैंडल से इस वीडियो को शेयर किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं. लोग इस वीडियो पर अलग-अलग राय रख रहे हैं. कोई इसे प्राकृतिक आपदा की चेतावनी मान रहा है, तो कोई इसे सिर्फ एक संयोग बता रहा है.
हालांकि, अब तक इस बात की पृष्टी नहीं हुई है कि सच में कोई तबाही आने वाली है. कुछ लोग इसे अंधविश्वास भी मान रहे हैं. तो वहीं कुछ इसे कुदरत की चेतावनी के रूप में देख रहे हैं. हालांकि, वैज्ञानिकों की राय में यह सिर्फ एक संयोग है. First Updated : Thursday, 20 February 2025