नारियल फोड़ते ही फूट-फूटकर रोने लगते हैं लोग, जानें इंडोनेशिया की लामाहोलोट जनजाति का अनोखा अनुष्ठान

हमारे यहां किसी भी शुभ कार्य या नई शुरुआत से पहले नारियल फोड़ना बहुत आम है. यह खुशी, समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि दुनिया में कुछ लोग नारियल को फूटते या कटते देखकर आंखों में आँसू भर लेते हैं. आखिर ये लोग कौन हैं और ऐसा क्यों करते हैं?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

इंडोनेशिया की लामाहोलोट जनजाति में एक रहस्यमय और भावुक अनुष्ठान की परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस अनुष्ठान के दौरान नारियल फोड़ते ही लोग फूट-फूटकर रोने लगते हैं. यह अनुष्ठान ‘लेवाक तापो’ कहलाता है, जिसके जरिए जनजाति के लोग अप्राकृतिक मौतों की वजह पता लगाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को ऐसी मौतों से बचाने की कोशिश करते हैं.  

 क्यों नारियल फोड़ते ही रोने लगते हैं?

इंडोनेशिया में लामाहोलोट जनजाति के बीच एक अनोखा और रहस्यमय रिचुअल प्रचलित है. इस अनुष्ठान में नारियल फोड़ने के साथ ही लोग भावुक होकर रोने लगते हैं. यह दृश्य देखने वाले को हैरान कर देता है. ‘लेवाक तापो’ नाम के इस अनुष्ठान के माध्यम से जनजाति अपने देवता और पूर्वजों की आत्माओं से संवाद करती है और अप्राकृतिक मौतों का कारण जानने की कोशिश करती है.

लेवाक तापो अनुष्ठान क्या है?

लामाहोलोट जनजाति इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के पूर्वी फ्लोरेस और लेम्बाटा जिलों के कुछ द्वीपों पर रहती है. इनकी मान्यता है कि कम उम्र में या अप्राकृतिक तरीके से होने वाली मौतें- जैसे हत्या, दुर्घटना या गंभीर बीमारी- पिछले पापों या पूर्वजों के अनसुलझे पापों का दंड होती हैं. ऐसी मौतों को रोकने और उनकी वजह जानने के लिए लेवाक तापो अनुष्ठान किया जाता है.

शमन नारियल फोड़कर बताते हैं मौत का कारण

तापो का अर्थ नारियल होता है. इस अनुष्ठान में जनजाति के पुजारी या आध्यात्मिक नेता, जिन्हें शमन कहा जाता है, नारियल को फोड़ते हैं. नारियल फूटते ही वे अप्राकृतिक मौतों की वजह बताते हैं- चाहे वह किसी की मौत प्राकृतिक हो या अप्राकृतिक. इसी दौरान लोग भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं और रोने लगते हैं. यह उनकी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

जनजाति की मान्यता

लामाहोलोट समुदाय का मानना है कि अप्राकृतिक मौतें पूर्वजों के पापों या व्यक्ति के पिछले जन्म के कर्मों से जुड़ी होती हैं. लेवाक तापो अनुष्ठान के जरिए वे इन अनसुलझे मुद्दों को सुलझाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास करते हैं. यह प्रथा उनकी आस्था और परंपरा का अभिन्न अंग है, जो सदियों से चली आ रही है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो