अमेरिका से हजारों किलोमीटर दूर, एक छोटी सी पाकिस्तानी बस्ती में बस चुकी एक महिला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है. शादी के बाद अपनी नई जिंदगी को अपनाने वाली इस महिला ने इंस्टाग्राम पर अपने रोजमर्रा के अनुभव साझा किए, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया. उनका नाम टेलर है, और वह मानती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह पाकिस्तान में बसेंगी, लेकिन अब यह जीवन उन्हें खास लगने लगा है.
टेलर ने एक स्थानीय युवक आकाश से शादी की और अब वह पाकिस्तान के एक छोटे से कस्बे में अपने ससुराल वालों के साथ रह रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उन्हें यहां का ज्यादातर हिस्सा पसंद आ रहा है. एक वीडियो में उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “ज़्यादा ही फ्लर्ट कर लिया, अब एक छोटी पाकिस्तानी बस्ती में मेरी जिंदगी ऐसी है.” वीडियो में वह अपने घर की झलक दिखाती हैं. इसमें उनके कमरे, रसोई और यहां तक कि बाथरूम की भी झलक देखने को मिलती है. यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और हजारों लोगों ने इसे देखा और अपनी राय दी.
बड़े परिवार के साथ नई दिनचर्या
टेलर ने अपने एक अन्य वीडियो में बताया कि वह अपने पति के साथ 11 लोगों के परिवार के लिए किराने की खरीदारी करने गईं. उन्होंने बताया कि इतने बड़े परिवार के साथ रहना उनके लिए एक नया अनुभव है. अमेरिका में पली-बढ़ी टेलर के लिए यह जीवनशैली अलग जरूर है, लेकिन वह इसे सीखने और अपनाने की कोशिश कर रही हैं.
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
उनकी पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई नजर आईं. कुछ लोगों ने उनके फैसले की सराहना की और कहा कि हर किसी को अपनी खुशी चुनने का अधिकार है. वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि वह अमेरिका छोड़कर पाकिस्तान क्यों आईं. कुछ टिप्पणियां नकारात्मक और नस्लवादी भी थीं. हालांकि कई यूजर्स ने उनका समर्थन करते हुए लिखा कि यदि वह इस जीवन में खुश हैं तो दूसरों को आलोचना करने का अधिकार नहीं होना चाहिए.
अपनी कहानी खुद बयां कर रहीं टेलर
टेलर अपने यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पेज “टेलर इन पाकिस्तान” पर अपनी अंतर-सांस्कृतिक शादी और नए देश में जीवन के अनुभव साझा करती हैं. अपने बायो में उन्होंने लिखा है, “सलाम जी! मेरा नाम टेलर है. मैं एक अमेरिकी हूं जो अपने पति आकाश के साथ पाकिस्तान में रहती हूं. हमारा जीवन मजेदार पलों, छोटी गलतफहमियों और मजबूत विश्वास से भरा है.” वह अपने वीडियो के जरिए दिखाती हैं कि अलग संस्कृति में बसना आसान नहीं होता, लेकिन समझ और अपनापन इस दूरी को कम कर सकता है. First Updated : Tuesday, 24 February 2026