नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि आपका अपना बच्चा आपसे सवाल करे कि "आपने मुझे दुनिया में लाने के लिए मेरी इजाजत क्यों नहीं ली?" बता दें, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक 21 साल के लड़के का ऐसा ही पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें उसने लिखा कि उसने जन्म लेने के लिए कभी "हां" नहीं कहा था. अब चूंकि माता-पिता ने उसकी मर्जी के बिना उसे पैदा किया, इसलिए अब उसकी हर जरूरत पूरी करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है.
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होती ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. एक तरफ कुछ लोग लड़के के बयान को आलस और जिम्मेदारी से भागना बता रहे है. उनका कहना है कि 21 साल की उम्र में काम करना और अपने पैरों पर खड़ा होना जरूरी है. माता-पिता ने पाल-पोस कर बड़ा किया, अब अपनी जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए.
वहीं दूसरी और कुछ लोग बस इसे एक बहाना नहीं मान रहे है. उनके लिए यह बिना सहमति के जन्म यानी Born without consent पर एक सवाल है. उनका तर्क है कि कोई भी बच्चा अपनी मर्जी से पैदा नहीं होता। ऐसे में माता-पिता को जीवनभर उसकी देखभाल करनी चाहिए। इस मुद्दे ने फिर से बहस छेड़ दी है कि क्या माता-पिता अपनी संतान के हर फैसले और जरूरत के लिए हमेशा जिम्मेदार होते है?
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा सवाल सामने आया हो. 2019 में बिजनेसमैन राफेल सैमुअल ने भी इसी तरह की बात कहकर सुर्खियां बटोरी थीं. उन्होंने कहा था कि किसी को उसकी सहमति के बिना जन्म देना गलत है. उस समय भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई थी. कुछ लोग इसे एंटी-नेटलिज्म की सोच बता रहे थे, तो कुछ इसे युवा पीढ़ी की फ्रस्टेशन बना रहे हैं.
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि आज की पीढ़ी पर काम और करियर का दबाव ज्यादा है. महंगाई, नौकरी की अनिश्चितता और भविष्य को लेकर तनाव की वजह से कई युवा हताश महसूस करते हैं. लेकिन विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि जिम्मेदारी से मुंह मोड़ना किसी भी समस्या का हल नहीं है. समाज तभी चलता है जब हर उम्र में लोग अपनी भूमिका समझें. माता-पिता का फर्ज बचपन में है, लेकिन एक उम्र के बाद इंसान को खुद अपने फैसलों की जवाबदेही लेनी पड़ती है. फिलहाल इस 21 साल के लड़के का पोस्ट लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है. First Updated : Wednesday, 08 July 2026