तमिलनाडु में सरकार गठन का इंतजार लगभग खत्म, समर्थन लेकर आ रहे विजय से थोड़ी देर में मिलेंगे राज्यपाल
बहुमत हासिल कर आ रहे TVK प्रमुख से थोड़ी देर में राज्यपाल मुलाकात करेंगे. पिछले चार दिनों से राज्य में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ था.

चेन्नई: टीवीके प्रमुख विजय बहुमत हासिल करने के बाद थोड़ी देर में राज्यपाल से मुलाकात करेंगे. अब तमिलनाडु में सरकार गठन की तस्वीर लगभग साफ हो गई है.
बता दें कि, विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह पूरी तरह साफ हो गई. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) को वीसीके और आईयूएमएल ने बिना किसी शर्त के समर्थन देने का ऐलान कर दिया. दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं, जिससे विजय के नेतृत्व वाली टीवीके गठबंधन ने विधानसभा में बहुमत का जरूरी आंकड़ा पार कर लिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर था सस्पेंस
पिछले चार दिनों से राज्य में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ था. विजय ने लगातार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करने की कोशिश की थी, लेकिन पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण उन्हें हरी झंडी नहीं मिल सकी थी. अब नए सहयोगियों के समर्थन के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है और विजय के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या जुट चुकी है.
इस चुनाव में सिर्फ दो साल पुरानी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का रिकॉर्ड बनाया. यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पार्टी ने तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के बड़े दलों डीएमके और एआईएडीएमके को पीछे छोड़ दिया. हालांकि, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक छोड़नी होगी, जिससे पार्टी के विधायकों की वास्तविक संख्या 107 रह जाएगी.
टीवीके ने पार किया बहुमत का आंकड़ा
टीवीके को सबसे पहले कांग्रेस का समर्थन मिला, जिसने डीएमके से अलग होकर विजय के साथ आने का फैसला किया. कांग्रेस के पांच विधायक पहले ही समर्थन दे चुके थे. इसके अलावा वाम दलों के चार विधायक भी टीवीके के साथ खड़े हैं. अब वीसीके और आईयूएमएल के जुड़ने से विजय का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया है, जो बहुमत के 118 के आंकड़े से दो ज्यादा है.
हालांकि समर्थन के बावजूद वीसीके ने संकेत दिए हैं कि सरकार में शामिल होने का फैसला बाद में किया जाएगा. पार्टी के कुछ नेताओं ने यह भी इच्छा जताई है कि विजय द्वारा छोड़ी जाने वाली सीट से वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन चुनाव लड़ें और भविष्य में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद दिया जाए. फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में विजय का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है.


