बंगाल के CM बनते ही एक्शन में आए सुवेंदु अधिकारी, IAS शांतनु बाला को बनाया निजी सचीव
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनते ही अहम नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है. इसी के साथ ही सुवेंदु अधिकारी के निजी सचीव का नाम सामने आ चुका है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. शनिवार को बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसके तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. बता देंं, नई सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है. इसी के साथ ही सुवेंदु अधिकारी के निजी सचीव का नाम सामने आ चुका है.
राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का निजी सचिव (पीएस) नियुक्त किया गया है. बता दें, शांतनु बाला इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले में अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) के पद पर कार्यरत थे. यहीं वजह है कि उनका प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
मुख्यमंत्री का सलाहकार
इसके अलावा, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रता गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया है. सुब्रता गुप्ता चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में विशेष पर्यवेक्षक की भूमिका में भी रहे थे. इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि शासन और प्रशासन के अनुभव का फायदा नई सरकार को मिल सकता है.
कहां और कैसे हुआ शपथ समारोह
कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं उनके साथ पांच अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की है. मंत्रिमंडल में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किरतनिया, खुदीराम तुडू और निशीथ प्रामाणिक को शामिल किया गया है. बीजेपी नेतृत्व ने इसे बंगाल में “नए राजनीतिक युग” की शुरुआत बताया है.
बहुमत से हासिल की जीत
बंगाल की राजनीति में यह पहली बार है जब बीजेपी सत्ता में आई है. बता दें, विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. बीजेपी को राज्य में 45 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जिसे पार्टी की ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है. वहीं पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को इस बार विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा, ऐसा इसलिए क्योंकि ममता बनर्जी की पार्टी 80 सीटों तक सिमट के रह गई. भवानीपुर सीट से खुद ममता बनर्जी को भी हार का सामना करना पड़ा. बता दें, उन्हें बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने 15 हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया. चुनावी नतीजों के बाद अब राज्य में नई सरकार के कामकाज और फैसलों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.


