सुवेंदु के शपथ लेते ही ममता ने बदला X प्रोफाइल का बायो, लेकिन ‘पूर्व CM’ लिखने से किया इनकार

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी के सोशल मीडिया बायो में हुए बदलाव ने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है. चुनावी हार, इस्तीफे से इनकार और बदले तेवरों के बीच उनका नया संदेश काफी सुर्खियां बटोर रहा है.

Shraddha Mishra

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद भी सियासी हलचल थमती नजर नहीं आ रही है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी लगातार भाजपा और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं. इसी बीच उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल में किए गए बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट का बायो अपडेट किया, लेकिन उसमें उन्होंने खुद को “पूर्व मुख्यमंत्री” लिखने से परहेज किया. इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई.

शनिवार सुबह तक ममता बनर्जी के ‘एक्स’ अकाउंट के बायो में “माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल” लिखा हुआ था. लेकिन जैसे ही भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली, उसके कुछ समय बाद ममता ने अपना बायो बदल दिया. हालांकि उन्होंने अपने नाम के आगे “पूर्व मुख्यमंत्री” नहीं लिखा. इसके बजाय उन्होंने खुद को “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा)” बताया. इसके साथ ही उन्होंने अपने प्रोफाइल में तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक अध्यक्ष होने का भी उल्लेख किया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है.

सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद

ममता बनर्जी के बायो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री पद पर न रहने के बावजूद उनके प्रोफाइल में पुराना पदनाम क्यों बना हुआ था. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और उसके मालिक एलन मस्क को टैग करते हुए बायो बदलने की मांग की. वहीं कुछ यूजर्स ने उनके अकाउंट पर कार्रवाई करने तक की बात कही. जैसे ही बायो अपडेट किया गया, यह मुद्दा सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा में आ गया. समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष इस बदलाव को अपने-अपने तरीके से देखने लगे.

हार के बाद भी इस्तीफे से इनकार

चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने साफ कर दिया था कि वह हार स्वीकार करने के बावजूद राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी. उन्होंने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए और कहा कि भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया है. ममता बनर्जी का कहना है कि उनकी पार्टी इस मामले को अदालत तक लेकर जाएगी. उन्होंने संकेत दिए कि तृणमूल कांग्रेस चुनाव नतीजों को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की एक अहम बैठक में ममता बनर्जी ने नेताओं से कहा कि यह जनादेश पूरी तरह निष्पक्ष नहीं है और पार्टी इसे राजनीतिक रूप से उठाती रहेगी.

विधानसभा भंग होने के बाद बढ़ा विवाद

7 मई को राज्यपाल टी. रवि द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया. इसके बावजूद ममता बनर्जी अपने रुख पर कायम रहीं. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है तो लगा सकती है, लेकिन वह इसे लोकतंत्र के लिए “काला दिन” मानेंगी. उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है.

सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

इसी राजनीतिक तनाव के बीच शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. यह पहली बार है जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी है. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. इसके अलावा एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. भाजपा ने इस समारोह को बंगाल की राजनीति में “नए दौर की शुरुआत” बताया.

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