CM विजय को फ्लोर टेस्ट से पहले बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने TVK विधायक के विधानसभा जाने पर लगाई रोक
DMK के सीनियर नेता के. आर. पेरियाकरुप्पन ने श्रीनिवास की जीत को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 4 मई 2026 को आए नतीजों में पेरियाकरुप्पन एक वोट से चुनाव हार गए थे। श्रीनिवास को 83,365 वोट मिले, जबकि पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे।

चेन्नई: तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपत्तूर से सिर्फ एक वोट के अंतर से जीते TVK विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति के विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद श्रीनिवास अब फ्लोर टेस्ट में वोट नहीं डाल पाएंगे, जो मुख्यमंत्री विजय के लिए टेंशन बढ़ाने वाली बात है।
DMK नेता ने दी थी हाईकोर्ट में चुनौती
आपको बताते चलें कि DMK के सीनियर नेता के. आर. पेरियाकरुप्पन ने श्रीनिवास की जीत को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 4 मई 2026 को आए नतीजों में पेरियाकरुप्पन एक वोट से चुनाव हार गए थे। श्रीनिवास को 83,365 वोट मिले, जबकि पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे। इसके बाद सेतुपति को विजेता घोषित कर दिया गया था।
पोस्टल बैलट और EVM डेटा पर उठे सवाल
पेरियाकरुप्पन का आरोप है कि उनके क्षेत्र का एक पोस्टल बैलट गलती से दूसरे तिरुपत्तूर जिले में चला गया और वहां उसे रद्द कर दिया गया। इसके अलावा EVM के आंकड़ों और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिख रहे डेटा में भी 18 वोटों का फर्क मिला है। उन्होंने याचिका में दोबारा मतगणना की मांग की और श्रीनिवास को शपथ लेने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश मांगा था।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
जस्टिस विक्टोरिया गौरी और एन. सेंथिलकुमार की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पहली नजर में मामला गड़बड़ लगता है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश में साफ किया कि अगले आदेश तक सेतुपति विधानसभा की किसी भी कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। वे विश्वास मत, अविश्वास प्रस्ताव या किसी भी फ्लोर टेस्ट में वोट नहीं डाल सकेंगे। साथ ही चुनाव आयोग को तिरुपत्तूर सीट के सभी दस्तावेज, CCTV फुटेज और खारिज पोस्टल बैलट को सील करके सुरक्षित रखने को कहा है।
TVK सरकार के लिए बढ़ी चुनौती
गौरतलब है कि सीएम विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करेगी। 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायक चाहिए। TVK गठबंधन के पास 120 विधायक हैं, लेकिन श्रीनिवास के वोट न कर पाने से अब उसके पास 119 प्रभावी वोट ही बचेंगे। ऐसे में अगर गठबंधन का एक भी विधायक इधर-उधर हुआ तो सरकार के लिए बहुमत साबित करना मुश्किल हो जाएगा।


