इस्तीफा नहीं देंगी ममता बनर्जी, कानूनी लड़ाई के लिए कर दिया बड़ा ऐलान
कालीघाट स्थित अपने आवास पर बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के नव-निर्वाचित विधायकों की बैठक में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव के परिणामों को अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया.

कालीघाट स्थित अपने आवास पर बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के नव-निर्वाचित विधायकों की बैठक में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव के परिणामों को अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस जनादेश को सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएगी और कथित चुनावी गड़बड़ियों को कानूनी तरीके से उठाएगी.
ममता ने भाजपा पर लगाए आरोप
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं हुईं, जिसके चलते नतीजों पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी हो गया है.
कानूनी लड़ाई की तैयारी को लेकर ममता ने कहा कि वह खुद और पूर्व राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य फिर से सक्रिय रूप से वकालत करेंगी, ताकि इस मामले को मजबूती से अदालत में रखा जा सके. गौरतलब है कि चंद्रिमा भट्टाचार्य इस चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाईं. इसके बावजूद, ममता ने संकेत दिए कि उनकी राजनीतिक रणनीति केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगी.
इस्तीफे पर क्या बोलीं ममता बनर्जी?
इस्तीफे के सवाल पर ममता बनर्जी ने साफ किया कि वह अपने पद से पीछे हटने वाली नहीं हैं. उन्होंने इसे “जनादेश की जबरन छीना-झपटी” के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध बताया. उनके इस रुख को पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी का भी समर्थन मिला. अभिषेक ने नेताओं से अपील की कि वे अपने पदों पर बने रहें और इस मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से लड़ें. साथ ही उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों में कानूनी सहायता लेने की बात भी कही.
राष्ट्रपति शासन पर क्या बोलीं ममता?
बैठक के बाद ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार चाहे तो राष्ट्रपति शासन लागू कर सकती है, लेकिन इसके लिए उसे आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करना होगा. इसके अलावा, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी कार्यालयों में रवींद्र संगीत बजाया जाए.
अंत में, ममता ने सभी जीते हुए उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और जनता के साथ सीधे संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर सके.


