‘धुरंधर’ फिल्म का जिक्र कर सरमा ने कसा तंज, कहा- कांग्रेस में ही बीजेपी के मददगार!

असम में हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेता अंदरखाने बीजेपी की मदद कर रहे हैं, जिनमें से 6 उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए की लगातार तीसरी जीत के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक इंटरव्यू में कई बड़े और विवादित दावे किए. उन्होंने हाल ही में आई धुरंधर फिल्म का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी के 'धुरंधर' नेता विपक्ष के भीतर भी मौजूद हैं.

हिमंता बिस्वा का दावा

सरमा ने दावा किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ऐसे लगभग 30 उम्मीदवारों को टिकट दिया, जिनके उनके और बीजेपी के साथ अच्छे संबंध हैं. उनके मुताबिक, इन 30 में से 6 उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधानसभा तक पहुंचे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या यह उनकी रणनीति का हिस्सा था, तो उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोधी खेमे में भी प्रभाव बनाए रखना जरूरी होता है और कुछ कांग्रेस नेता खुलकर उनकी मदद करते हैं.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये लोग किसी तरह के “जासूस” नहीं हैं, बल्कि अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए कांग्रेस में बने हुए हैं. सरमा के अनुसार, अगर ये नेता बीजेपी में शामिल होते, तो संभवतः चुनाव नहीं जीत पाते, इसलिए वे कांग्रेस में रहकर ही बीजेपी के हित में काम कर रहे हैं.

असम की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी

इंटरव्यू के दौरान सरमा ने असम की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में एक विशेष समुदाय तक सीमित होती जा रही है. उनके मुताबिक, कांग्रेस के 19 विजयी उम्मीदवारों में से 18 मुस्लिम समुदाय से हैं, जबकि सिर्फ एक हिंदू उम्मीदवार, जय प्रकाश दास ने लखीमपुर जिले की नाउबोइचा सीट से जीत हासिल की. सरमा ने दावा किया कि राज्य में हिंदू मतदाता कांग्रेस से दूरी बनाए हुए हैं.

इसके साथ ही उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस के 6 विधायक आगामी राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं.

अगर चुनावी आंकड़ों की बात करें तो 126 सदस्यीय असम विधानसभा में एनडीए ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की. इनमें बीजेपी ने 90 सीटों पर चुनाव लड़कर 82 सीटें जीतीं, जो लगभग 92 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट दर्शाता है. सहयोगी दल असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने भी 10-10 सीटों पर जीत हासिल की.

गौरतलब है कि असम में 2016 से बीजेपी सत्ता में है और इस बार की जीत के साथ उसने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रिकॉर्ड कायम किया है.

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