थलापती विजय 7 मई को लेंगे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ? DMK को एक और बड़ा झटका
234 सदस्यों वाली विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। यह तमिलनाडु के हाल के इतिहास का सबसे बड़ा सियासी उलटफेर है। बहुमत का आंकड़ा 118 है। TVK उससे सिर्फ 10 सीट दूर है।

नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय 7 मई को राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं। शपथ ग्रहण चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में होने की उम्मीद है। विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम यानी TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए ही धमाका कर दिया है।
108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK
आपको बताते चलें कि 234 सदस्यों वाली विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। यह तमिलनाडु के हाल के इतिहास का सबसे बड़ा सियासी उलटफेर है। बहुमत का आंकड़ा 118 है। TVK उससे सिर्फ 10 सीट दूर है।
फिर भी पार्टी ने DMK और AIADMK के दशकों पुराने दबदबे को तोड़ दिया है। सरकार बनाने के लिए TVK को अब कांग्रेस, PMK, लेफ्ट, CPI(M) और VCK जैसी पार्टियों का साथ चाहिए। इनके समर्थन से विजय बहुमत का आंकड़ा पार कर सकते हैं। बातचीत शुरू हो चुकी है।
स्टालिन को कोलाथुर में हार, DMK 59 पर सिमटी
निवर्तमान मुख्यमंत्री MK स्टालिन को करारा झटका लगा है। वे कोलाथुर सीट से TVK के VS बाबू से 8,795 वोटों से हार गए। DMK सिर्फ 59 सीटों पर अटक गई। यह पार्टी के लिए बड़ी गिरावट है। नतीजों के बाद राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने स्टालिन और उनकी कैबिनेट का इस्तीफा मंजूर कर लिया। राज्यपाल ने उनसे नई सरकार बनने तक पद पर बने रहने को कहा है।
1977 के बाद पहली बार बदलेगा सियासी समीकरण
दरअसल अभिनेता विजय का CM बनना तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ होगा। 1977 के बाद पहली बार राज्य को DMK-AIADMK के बाहर की सरकार मिलेगी। विजय के साथ ही वे NTR, MGR और जयललिता जैसे अभिनेता-नेताओं की लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने सिनेमा से सत्ता तक का सफर तय किया।
विपक्ष की रणनीति पर मंथन
गौरतलब है कि उधर विपक्ष भी आगे की रणनीति बना रहा है। VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन, CPI(M) के प्रदेश सचिव शनमुगम और CPI के प्रदेश सचिव वीरपांडियन जैसे नेता जल्द ही स्टालिन से मुलाकात करेंगे। बैठक में आगे की सियासी राह पर चर्चा होगी। यदि 7 मई को विजय शपथ लेते हैं तो तमिलनाडु में एक नया दौर शुरू होगा। अब सबकी नजर गठबंधन की गणित पर है।


