ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से मना किया तो BJP ने दिलाई संविधान की याद, अधिकारी बोले ‘वहां सब लिखा है...’
ममता के बयान पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार किया। जब उनसे ममता के इस्तीफा न देने की बात पूछी गई तो सुवेंदु ने छोटा लेकिन तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “संविधान में सब कुछ लिखा हुआ है, इस बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है।”

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने साफ कहा कि वे इस्तीफा नहीं देंगी। ममता का दावा है कि वे चुनाव नहीं हारीं, बल्कि उन्हें हराया गया है। इस पर अब भाजपा नेता और ममता बनर्जी को 2 बार चुनाव में हराने वाले सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार किया है।
नैतिक तौर पर हम जीते हैं- ममता बनर्जी
आपको बताते चलें कि ममता बनर्जी ने कहा, “हम चुनाव हारे नहीं हैं, हमें चुनाव में जानबूझकर हराया गया है। मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। हम नैतिक तौर पर जीते हैं।”
उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बोलीं, “हमारी 100 सीटें लूट ली गईं, 90 लाख वोट काट दिए गए। पीएम मोदी और अमित शाह ने मिलकर हमें हराया है। चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया है।”
सुवेंदु अधिकारी का पलटवार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ममता के बयान पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार किया। जब उनसे ममता के इस्तीफा न देने की बात पूछी गई तो सुवेंदु ने छोटा लेकिन तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “संविधान में सब कुछ लिखा हुआ है, इस बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है।”
भवानीपुर में फिर आमने-सामने थे ममता-सुवेंदु
गौरतलब है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर सीट से एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थे। 4 मई को आए नतीजों में सुवेंदु अधिकारी ने ममता को भवानीपुर से हरा दिया। सुवेंदु यह चुनाव करीब 15,000 वोटों से जीते।
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेता आमने-सामने आए हों। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम सीट पर ममता और सुवेंदु के बीच सीधी टक्कर हुई थी। तब भी भाजपा नेता सुवेंदु ने तृणमूल सुप्रीमो को शिकस्त दी थी।
सुवेंदु अधिकारी का धमाकेदार प्रदर्शन
अवगत करवा दें कि सुवेंदु अधिकारी इस बार भी दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़े थे। उन्होंने भवानीपुर के साथ नंदीग्राम से भी किस्मत आजमाई। नतीजा यह रहा कि सुवेंदु दोनों सीटों पर जीतने में कामयाब रहे। ममता के इस्तीफे से इनकार के बाद बंगाल की सियासत गरमा गई है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि संवैधानिक प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ती है।


