ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार, कहा ‘मैं हारी नहीं हूं, नहीं दूंगी कोई इस्तीफा...’

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि वे चुनाव हारी ही नहीं है, और इसी कारण से वह इस्तीफा भी नहीं देंगी।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि वे चुनाव हारी ही नहीं है, और इसी कारण से वह इस्तीफा भी नहीं देंगी। उन्होंने कहा, "हम हारे नहीं हैं, हमें हराया गया है।" बता दें कि इस बार के चुनाव में ममता को करारी शिकस्त मिली थी। भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ 207 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि TMC मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई थी।

ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा? 

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (05 मई 2026) को कोलकता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, “गिनती के पहले दौर के बाद ही BJP वाले यह कहना शुरू कर चुके थे कि उन्हें 195-200 सीटें मिल रही हैं। उन्होंने अंतिम नतीजों का इंतजार तक नहीं किया, बल्कि 5-6 दौर की गिनती का भी इंतजार नहीं किया।”  

उन्होंने आगे कहा, “मीडिया में इस तरह का प्रचार करने के बाद बीजेपी के लोग पोलिंग स्टेशन के अंदर घुस गए और काउंटिंग एजेंटों तथा लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब मुझे पता चला कि हमारे सभी काउंटिंग एजेंटों को बाहर कर दिया गया है, तब मैं लगभग 30,000 वोटों से आगे चल रही थी और अभी भी करीब 5 दौर की गिनती बाकी थी।”

बीजेपी उम्मीदवार के साथ 200 गुंडे थे- ममता 

पूर्व CM ने बताया, “हमें 32,000 से भी ज्यादा वोट मिलने चाहिए थे। उसी दौरान बीजेपी उम्मीदवार 200 CRPF जवानों और 200 बाहरी गुंडों के साथ अंदर घुस गया। उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, महिलाओं को भी नहीं बख्शा और सारे फॉर्म छीन लिए। जब मुझे इसकी सूचना मिली, तो मैं तुरंत वहाँ पहुँची। उन्होंने मेरी गाड़ी रोकने की कोशिश की, लेकिन मैंने दूसरा रास्ता अपनाकर अंदर प्रवेश किया। अंदर पहुँचते ही CRPF ने मुझे अंदर जाने से रोक दिया।”

ममता बनर्जी ने अपनी बात पूरी करते हुए आगे कहा, “मैंने कहा कि मैं एक उम्मीदवार हूँ। फिर मैंने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) से शिकायत की कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, गिनती तुरंत रोक दी जानी चाहिए। मैं डीईओ को भी जानती हूँ। मुझे पता है कि 15 दिन पहले उन्होंने किसी को संदेश दिया था कि 'गिनती में खेल होगा'। मैं कुछ मिनटों के लिए अंदर गई, तभी उन्होंने मेरे पेट और पीठ पर लात मारी, धक्का-मुक्की की और मारपीट की। उस समय CCTV कैमरे भी बंद थे।”

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