बिजली काटी जा रही, CCTV बंद! मतगणना से पहले ममता बनर्जी ने आधी रात को कार्यकर्ताओं को दिया संदेश, BJP पर लगाया बड़ा आरोप

आधी रात को ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का संदेश दिया और कहा कि भाजपा के इशारे पर कई जगहों पर बिजली काटी जा रही है, CCTV बंद किए जा रहे हैं और स्ट्रांग रूम के पास संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं.

Sonee Srivastav

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना शुरू होने से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की अपील की है. आधी रात को जारी संदेश में उन्होंने कहा कि जनता के वोटों की रक्षा के लिए रातभर जागकर नजर रखनी होगी.

ममता का कार्यकर्ताओं को आह्वान

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें कई जगहों से खबरें मिल रही हैं जहां जानबूझकर बिजली काटी जा रही है. हुगली के सेरामपुर, नादिया के कृष्णानगर, बर्दवान के औसग्राम और कोलकाता के क्षुदिराम अनुशीलन केंद्र जैसे इलाकों में ऐसी घटनाएं हुई हैं. साथ ही सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा रहे हैं और स्ट्रांग रूम के पास संदिग्ध वाहनों की आवाजाही हो रही है.

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “जिस तरह मैं हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जाग रही हूं, वैसे ही आप भी स्ट्रांग रूम के पास जागकर वोटों की सुरक्षा करें. कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो उसे घेर लें, तुरंत शिकायत दर्ज कराएं और सीसीटीवी फुटेज की मांग करें.” ममता ने इन घटनाओं के लिए भाजपा पर आरोप लगाया.

तनाव भरा चुनावी माहौल

राज्य की 293 सीटों पर 77 केंद्रों में वोटों की गिनती होगी. इस बार मतगणना को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भाजपा दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर वोटों में हेरफेर की आशंका जता रहे हैं.

दो चरणों में हुए मतदान में रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ था. हालांकि दक्षिण 24 परगना के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में गंभीर अनियमितताओं के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया. वहां 21 मई को दोबारा मतदान होगा.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चुनाव आयोग ने मतगणना की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 200 कंपनियां तैनात हैं. राज्य पुलिस और सशस्त्र पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा की जिम्मेदारी बांटी गई है. मतगणना केंद्रों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.

तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने का लक्ष्य रखते हुए भाजपा की मजबूत चुनौती का सामना कर रही है. वहीं सीपीआई(एम) और कांग्रेस अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश में हैं. छोटी पार्टियां जैसे एआईएमआईएम और अन्य भी कुछ सीटों पर असर डालने की उम्मीद रखती हैं. 

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