चुनावी नतीजों से पहले बंगाल में सियासी घमासान... स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं ममता, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है. ममता बनर्जी ने ईवीएम से जुड़े स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वहां का दौरा किया. वहीं चुनाव आयोग ने सभी दावों को खारिज किया है.

Shraddha Mishra

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले ही सियासी तापमान बढ़ गया है. चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे. इससे पहले ही पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. तृणमूल कांग्रेस ने ईवीएम से जुड़े स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद स्थिति का जायजा लेने मैदान में उतर आईं और सीधे उस स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचीं, जहां ईवीएम रखी गई हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और वहां काफी समय तक रहीं. बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें कई जगहों से गड़बड़ी की खबर मिली थी, जिसे देखने के लिए उन्होंने खुद वहां जाने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि टीवी पर खबरें देखने के बाद उन्हें लगा कि मौके पर जाकर स्थिति समझना जरूरी है.

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि वहां मौजूद केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की. हालांकि, जब उन्होंने अपने अधिकारों का हवाला दिया, तो उन्हें जाने दिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव नियमों के अनुसार उम्मीदवारों को सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तक जाने की अनुमति होती है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो उनकी पार्टी इसके खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगी.

तृणमूल कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं, जो चिंता का विषय है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी ने एक पोस्ट में दावा किया कि नेताजी इंडोर स्टेडियम में बने स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद बैलेट बॉक्स को जबरन खोलने की कोशिश की गई. पार्टी का आरोप है कि इस दौरान उनका कोई प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं था, जबकि सीसीटीवी फुटेज में यह घटना रिकॉर्ड हुई है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताते हुए चुनाव आयोग पर लापरवाही का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और हर कदम का जवाब दिया जाएगा.

चुनाव आयोग ने आरोपों को नकारा

इन सभी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने साफ कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि सभी कमरों को नियमों के अनुसार सील किया गया है और बिना अनुमति कोई भी वहां प्रवेश नहीं कर सकता. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है.

मतदान के बाद कुछ जगहों पर हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर भी चुनाव आयोग सतर्क नजर आ रहा है. मुख्य चुनाव अधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि हिंसा के मामलों में बिल्कुल भी ढील न बरती जाए. उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर जोर दिया और कहा कि दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए.

बीजेपी की प्रतिक्रिया भी आई सामने

तृणमूल कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ममता बनर्जी के इस कदम को ‘नाटकीय’ करार दिया. उन्होंने कहा कि यह सब चुनाव परिणामों से पहले माहौल बनाने की कोशिश है. मालवीय ने यह भी संकेत दिया कि एग्जिट पोल के रुझानों को देखकर तृणमूल कांग्रेस घबराई हुई नजर आ रही है और इसी वजह से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो