8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा तो कर दी थी. लेकिन अब तक इसके क्रियान्वयन की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. सात महीने बीत जाने के बावजूद आयोग की कार्य-परिधि (Terms of Reference - ToR) तय नहीं हो पाई है और न ही इसके अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति हो सकी है.
सरकारी कर्मचारियों में इस देरी को लेकर बेचैनी बढ़ रही है. कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने केंद्र से बार-बार अपील की है कि वेतन आयोग की प्रगति पर स्पष्टता लाई जाए. वित्त मंत्रालय की ओर से हाल ही में कहा गया कि विभिन्न हितधारकों जिनमें मंत्रालय, राज्य सरकारें और कर्मचारी संगठन शामिल हैं से सुझाव मांगे गए हैं. मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि जैसे ही ToR को अंतिम रूप दिया जाएगा, औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी.
8वें वेतन आयोग की घोषणा जनवरी 2025 में हुई थी. इसके बाद से अब तक केवल प्रारंभिक स्तर की औपचारिकताएं ही पूरी हुई हैं. यदि प्रक्रिया आगे भी इसी गति से चली तो यह अब तक का सबसे ज्यादा विलंबित वेतन आयोग साबित हो सकता है. अब 8वें वेतन आयोग कब लागू होगा और इसकी देरी को समझने के लिए 7वें वेतन आयोग की टाइमलाइन पर नजर डालना जरूरी है.
घोषणा- 25 सितंबर 2013: यूपीए सरकार ने 6वें वेतन आयोग के लागू होने के पांच साल बाद 7वें वेतन आयोग की घोषणा की थी.
ToR अधिसूचना- 28 फरवरी 2014: वित्त मंत्रालय ने पांच महीने बाद कार्य-परिधि अधिसूचित की.
सदस्यों की नियुक्ति- 4 मार्च 2014: ToR जारी होने के कुछ ही दिनों बाद जस्टिस ए.के. माथुर को अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति की गई.
रिपोर्ट जमा- 19 नवंबर 2015: लगभग 20 महीने की चर्चा और समीक्षा के बाद आयोग ने अंतिम रिपोर्ट सौंपी.
लागू- 29 जून 2016: केंद्र सरकार ने सिफारिशों को मंजूरी दी और 1 जनवरी 2016 से प्रभावी किया.
कुल मिलाकर, 7वें वेतन आयोग की घोषणा से लेकर इसके लागू होने तक लगभग 2 साल 9 महीने (44 महीने) लगे.
यदि 8वां वेतन आयोग भी इसी तरह की समय-सीमा का पालन करता है, तो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित वेतन का लाभ 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत से पहले मिलने की संभावना नहीं है. यही कारण है कि कर्मचारियों में असमंजस और नाराजगी लगातार बढ़ रही है. First Updated : Saturday, 16 August 2025