नई दिल्ली. वित्त मंत्री ने ITR सुधारने की तारीख बढ़ा दी है। अब 31 मार्च तक नाममात्र फीस देकर रिवाइज्ड ITR भर सकते हैं। पहले यह 31 दिसंबर तक था। इससे गलती करने वाले लोगों को फायदा होगा। वे बिना ज्यादा जुर्माने के सुधार कर सकेंगे। सरकार का मकसद टैक्स भरना आसान बनाना है। अधिक लोग सही जानकारी देंगे।
बजट में LRS के तहत शिक्षा और मेडिकल के लिए टीसीएस 5% से घटाकर 2% कर दिया। विदेश में पढ़ने वाले छात्रों को राहत मिलेगी। उनके परिवार की जेब पर कम बोझ पड़ेगा। विदेशी टूर पैकेज पर भी टीसीएस 2% हो गया। पहले यह 20% था, फिर 5% हुआ। अब और कम होकर लोगों को घूमना सस्ता पड़ेगा।
छोटे टैक्स भरने वालों के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया लाई गई है। इससे लोअर या निल टीडीएस सर्टिफिकेट आसानी से मिलेगा। कई सिक्योरिटीज वाले लोगों को फायदा होगा। टैक्स प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। समय बचेगा और झंझट कम होगा। सरकार छोटे लोगों की मदद कर रही है। यह बदलाव 2026-27 से लागू होगा।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवजे पर टैक्स छूट दी गई। सड़क हादसे के शिकार लोगों को राहत मिलेगी। उनके परिवार को आर्थिक मदद बिना कटौती के मिलेगी। यह फैसला पीड़ितों के दर्द को कम करेगा। सरकार ने मानवीय पक्ष देखा है। अब मुआवजा पूरा इस्तेमाल हो सकेगा। लोगों को न्याय मिलेगा।
नई इनकम टैक्स एक्ट 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगी।इसके नियम और फॉर्म जल्द नोटिफाई होंगे। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ। पुरानी और नई स्कीम वैसी ही रहेंगी। लोगों को पहले की तरह टैक्स भरना होगा। सरकार स्थिरता रखना चाहती है। यह आम आदमी के लिए अच्छी खबर है।
कंपनियों के बायबैक पर टैक्सेशन बदल दिया गया। इससे गलत इस्तेमाल रुकेगा। शेयरधारकों को फायदा होगा।सरकार टैक्स चोरी रोकना चाहती है।यह फैसला बाजार को मजबूत बनाएगा।निवेशक सुरक्षित महसूस करेंगे।बजट में आर्थिक सुधार पर जोर है। यह बजट मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया।टैक्स राहत से जेब हल्की होगी।विदेश यात्रा और पढ़ाई सस्ती हो गई।छोटे लोग आसानी से टैक्स भर सकेंगे।दुर्घटना पीड़ितों को मदद मिलेगी।सरकार विकास और राहत का बैलेंस रख रही है।अगले साल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। First Updated : Sunday, 01 February 2026