सोना और अक्षय तृतीया का पुराना रिश्ता, क्या इस बार भी ट्रेंड बरकरार रहेगा?

इस बार अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना फायदे का सौदा साबित होगा? सोने के दाम कहां तक पहुंच सकते हैं? अभी सोना और सस्ता होगा या और महंगा? एक्सपर्ट्स की राय जानिए.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अक्षय तृतीया 2026 पर सोना खरीदना मुनाफे का सौदा साबित होगा या नहीं? इस सवाल पर चर्चा तेज हो गई है क्योंकि इस साल सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर सोना निवेश के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत कर रहा है.  

पिछली अक्षय तृतीया के बाद से भारतीय स्पॉट मार्केट में सोने की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत का उछाल आया है. यह लगातार नौवां साल है जब सोने ने निवेशकों को ठोस रिटर्न दिया है. ऐसे में अक्षय तृतीया 2026 के मौके पर सोना खरीदने का फैसला कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है.

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों शुभ माना जाता है?

इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को पड़ रही है. भारत में सोना खरीदना केवल आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यता से जुड़ा है. धनतेरस, दिवाली और अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों पर सोना खरीदने से समृद्धि, सौभाग्य और स्थायी धन की प्राप्ति होती है. ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार यह पर्व निवेशकों के लिए अक्सर फायदेमंद साबित हुआ है.

सोना खरीदने का क्या है सही समय?

इस साल जनवरी में सोना 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई स्तर पर पहुंच गया था. उसके बाद कीमतों में गिरावट आई और वर्तमान में यह करीब 1,50,000 रुपये के स्तर पर है. यानी रिकॉर्ड हाई से लगभग 30,000 रुपये सस्ता. तेजी के बाद मुनाफावसूली और बढ़ती क्रूड कीमतों से महंगाई की चिंताओं के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा कीमतें निवेश के लिए अच्छा अवसर हैं.

अक्षय तृतीया से पहले सोने की मांग का रुझान

 एक्सपर्ट के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया से पहले भारत में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि ऊंची कीमतों के कारण आम ग्राहकों की भारी खरीदारी सीमित रही है.  खबरो और एक्सपर्ट के अनुसार इस बार सोने-चांदी की खरीदारी काफी कम है. माहौल ऐसा नहीं लग रहा है कि त्योहार नजदीक आ रहा हो. ग्लोबल स्तर पर चीन में सोने की मांग कमजोर पड़ी है, लेकिन वहां का केंद्रीय बैंक लगातार 17वें महीने सोना खरीद रहा है.

क्या अक्षय तृतीया से पहले सोना खरीदना चाहिए?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों की रफ्तार धीमी हो सकती है, लेकिन मौजूदा रुझान जारी रहने की संभावना है. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और जियो-पॉलिटिकल टेंशन को देखते हुए सोना पोर्टफोलियो को स्थिर रखने वाला अच्छा निवेश बना हुआ है.  

सोने को रिटर्न के दौड़ वाला निवेश न समझें, बल्कि इसे अपने पोर्टफोलियो को स्थिर करने वाला साधन मानें. हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पिछले साल जैसा तगड़ा रिटर्न दोहराना मुश्किल हो सकता है.

बड़ी रकम एक साथ लगाने से बचें

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने में एक साथ बड़ी रकम न लगाएं. थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना बेहतर है. अगर आपके पास पहले से सोना नहीं है तो थोड़ा निवेश करना उचित रहेगा, लेकिन अगर आप सिर्फ एक साल में बहुत बड़ा रिटर्न चाहते हैं तो यह बहुत आक्रामक निवेश का सही समय नहीं है.

सोने की कीमतें कहां तक जा सकती हैं?

विशेषज्ञोॆ  के अनुसार, अगर तेजी जारी रही तो सोना 1,55,000 रुपये और उसके बाद 1,70,000 रुपये तक जा सकता है. आने वाले महीनों में 1,81,000 रुपये के स्तर को फिर छूने की भी संभावना है. वहीं गिरावट की स्थिति में पहला सपोर्ट स्तर 1,36,200 रुपये है और मजबूत आधार 1,27,500 रुपये पर है.

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