Bihar CM Face Today: कौन बनेगा बिहार का नया मुख्यमंत्री? आज होगा ऐलान, कई नाम रेस में
बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव होने वाला है. सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. बिहार का नया नेता चुनने के लिए आज दोपहर 2 बजे BJP विधायकों की मीटिंग होगी. माना जा रहा है कि इस बार बिहार का नया मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से होगा.

पटना: बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि मंगलवार को नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला होने वाला है. भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक दोपहर 2 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा. माना जा रहा है कि इस बार राज्य में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है.
इस अहम बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा जोरों पर है, हालांकि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है.
कौन बनेगा बिहार का नया सीएम?
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम की सिफारिश की है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. हालांकि बीजेपी के पिछले फैसलों को देखते हुए पार्टी किसी नए चेहरे को आगे कर सबको चौंका भी सकती है.
जातीय समीकरण भी अहम
सम्राट चौधरी कुशवाहा समुदाय से आते हैं, जो पिछड़ी जातियों में यादवों के बाद एक बड़ा वर्ग माना जाता है. बताया जा रहा है कि जेडीयू ने भी इसी समुदाय से मुख्यमंत्री बनाने की सलाह दी है.
इसी समुदाय से प्राणपुर की विधायक निशा सिंह का नाम भी चर्चा में है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम से पहले पार्टी इस तरह का राजनीतिक दांव खेल सकती है.
अति पिछड़ी जाति के चेहरे भी रेस में
अति पिछड़ी जाति से मुख्यमंत्री बनाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है. इस वर्ग से प्रमोद चंद्रवंशी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, जो वर्तमान में मंत्री हैं और संगठन से लंबे समय से जुड़े हैं.
दीघा से विधायक संजीव चौरसिया भी इस रेस में हैं. वे लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और उनका परिवार लंबे समय से संघ से जुड़ा रहा है.
इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का नाम भी सामने आया है, हालांकि उनकी उम्र को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हरि सहनी और रमा निषाद जैसे नाम भी चर्चा में बने हुए हैं.
अनुसूचित जाति से भी हो सकता है चयन
राजनीतिक विश्लेषण में यह भी कहा जा रहा है कि बीजेपी अनुसूचित जाति वर्ग से मुख्यमंत्री बनाकर बड़ा सामाजिक संदेश दे सकती है. इस वर्ग की आबादी करीब 20 प्रतिशत है.
इस श्रेणी से जनक राम का नाम सामने आ रहा है, जो रविदास समुदाय से आते हैं और मंत्री रह चुके हैं. उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर पार्टी उत्तर प्रदेश के जाटव मतदाताओं को भी साधने की कोशिश कर सकती है.
अन्य बड़े नेताओं के नाम भी चर्चा में
पातेपुर से विधायक लखेंद्र पासवान का नाम भी हालिया मुलाकातों के बाद चर्चा में आया है. वे वर्तमान में मंत्री हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के करीबी माने जाते हैं.
इसके अलावा बीजेपी सांसद संजय जायसवाल और मंत्री दिलीप जायसवाल के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में गिने जा रहे हैं.
आज खत्म होगी अटकलें
मंगलवार दोपहर तक बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर जारी रहेगा. विधायक दल की बैठक में नेता के चयन के साथ ही सभी अटकलों पर विराम लग जाएगा.
फिलहाल सम्राट चौधरी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी तय चेहरे पर भरोसा जताती है या फिर कोई नया नाम सामने लाकर सबको चौंकाती है.


