नई दिल्ली: भारत सरकार ने शुक्रवार 24 अप्रैल को जानकारी दी कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) के पहले चरण पर हुई तीन दिन की वार्ता सकारात्मक रही है. दोनों देश आगे भी बातचीत जारी रखने और गति बनाए रखने पर सहमत हो गए हैं.
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि वाशिंगटन डीसी में हुई बैठकें अच्छे माहौल में हुई. दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इनमें बाजार पहुंच, गैर-शुल्क संबंधी उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क, व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन, आर्थिक सुरक्षा और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल थे. सरकार के अनुसार, बैठकें रचनात्मक रही और प्रमुख मुद्दों पर सार्थक प्रगति हुई. दोनों देशों ने इस गति को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है.
भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया था. इसमें पारस्परिक लाभ वाले अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार किया गया था. इस ढांचे के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को काफी हद तक कम करने पर सहमति दिखाई थी.
रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को भी हटाने या घटाने की बात कही गई थी. हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले और नए टैरिफ नियमों के कारण स्थिति में कुछ बदलाव आए, जिसके बाद वार्ता को फिर से गति दी गई.
व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता की औपचारिक शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2025 को की थी. दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा से दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने का रोडमैप तैयार हुआ. भारतीय delegation ने हाल ही में वाशिंगटन जाकर अमेरिकी अधिकारियों से आमने-सामने बैठकें की.
इन बैठकों का मकसद अंतरिम समझौते के बाकी बिंदुओं को अंतिम रूप देना और व्यापक BTA की दिशा में आगे बढ़ना था. सरकार का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के लिए संतुलित और लाभकारी होगा.इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर खुलेंगे और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी. First Updated : Friday, 24 April 2026