बेरोजगार पायलटों की बल्ले-बल्ले, भर्ती अभियान के लिए इंडिगो ने बनाया मेगा प्लान

इंडिगो एयरलाइन ने बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान शुरू करने का फैसला किया है. कंपनी ने 1,000 से ज्यादा पायलटों की नियुक्ति की योजना बनाई है जो भारतीय विमानन क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े भर्ती अभियानों में से एक माना जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

देश की प्रमुख विमानन कंपनियों में शामिल IndiGo हाल के महीनों में परिचालन चुनौतियों से जूझती रही है. दिसंबर में बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद कंपनी को यात्रियों की नाराजजगी और नियामकीय सख्ती दोनों का सामना करना पड़ा. स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि जांच के आदेश जारी हुए और जुर्माना भी लगाया गया. अब एयरलाइन ने हालात सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान शुरू करने का फैसला किया है.

1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती की तैयारी

कंपनी ने 1,000 से ज्यादा पायलटों की नियुक्ति की योजना बनाई है जो भारतीय विमानन क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े भर्ती अभियानों में से एक माना जा रहा है. दिसंबर में महज़ एक सप्ताह के भीतर 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. इसकी एक प्रमुख वजह नए ड्यूटी और विश्राम नियमों का लागू होना था, जिनके कारण क्रू की उपलब्धता अचानक घट गई.

भर्ती प्रक्रिया में ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कप्तान शामिल होंगे. एयरलाइन ने संकेत दिया है कि वह उन पायलटों को भी अवसर देगी जिनके पास एयरबस A320 उड़ाने का पूर्व अनुभव नहीं है. नए नियमों के तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है और साप्ताहिक विश्राम अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे उपलब्ध पायलटों पर दबाव बढ़ा.

जांच में सामने आई कमियां

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के अनुरूप समय रहते पर्याप्त भर्ती और प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं की. परिणामस्वरूप पायलटों पर लगातार लंबी ड्यूटी, बार-बार स्थानांतरण और तथाकथित डेडहेड उड़ानों का बोझ बढ़ा.

रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर संकट के समय कंपनी को 2,422 कप्तानों की आवश्यकता थी, जबकि उपलब्ध संख्या 2,357 थी. बाद में स्थिति संभालने के लिए नियामक को रात्रिकालीन ड्यूटी प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देनी पड़ी.

आगे की रणनीति

एयरलाइन अब अपने नेटवर्क का पुनर्गठन कर रही है ताकि उड़ानों के बीच पर्याप्त अंतर रखा जा सके. फरवरी तक यह बफर 3 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है और स्टैंडबाय क्रू का स्तर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है. कंपनी हर महीने लगभग चार नए विमान अपने बेड़े में शामिल कर रही है और 20–25 फर्स्ट ऑफिसरों को कप्तान के रूप में प्रमोट किया जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि आक्रामक विस्तार और संसाधनों के अधिकतम उपयोग की रणनीति ने रोस्टर बफर को कम कर दिया था, जिससे संकट गहराया. अब बड़े पैमाने पर भर्ती और प्रशिक्षण के जरिए इंडिगो दोबारा अपनी संचालन क्षमता को स्थिर और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.

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