इस राज्य में शराब पीना अब पड़ेगा महंगा, सरकार ने बदली एक्साइज पॉलिसी

कर्नाटक सरकार ने राज्य में शराब की बिक्री और टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नया पेय में अल्कोहल (AIB) आधारित एक्साइज ड्यूटी सिस्टम लागू कर दिया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

कर्नाटक सरकार ने राज्य में शराब की बिक्री और टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नया पेय में अल्कोहल (AIB) आधारित एक्साइज ड्यूटी सिस्टम लागू कर दिया है. इस नई व्यवस्था के बाद राज्यभर में शराब की कीमतों में बदलाव हो गया है. बेंगलुरु समेत सभी शहरों और जिलों में नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे कई लोकप्रिय शराब ब्रांड्स महंगे हो गए हैं.

विभिन्न शराब श्रेणियों के लिए नई कीमतें तय 

राज्य के आबकारी विभाग ने व्हिस्की, रम, वोडका, जिन और ब्रांडी जैसी विभिन्न शराब श्रेणियों के लिए नई कीमतें तय की हैं. ये दरें 90ML, 180ML और 750ML की बोतलों पर लागू होंगी. सरकार का कहना है कि नई टैक्स प्रणाली शराब में मौजूद अल्कोहल की मात्रा के आधार पर बनाई गई है, जिससे टैक्स ढांचे को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके.

इस फैसले का असर बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले कई ब्रांड्स पर पड़ा है. रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, ओल्ड मंक, मैकडॉवेल्स नंबर-1, सिग्नेचर, DSP ब्लैक, स्मिरनॉफ, मैजिक मोमेंट्स और ऑफिसर्स चॉइस जैसी लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कुछ ब्रांड्स में मामूली इजाफा हुआ है, जबकि प्रीमियम श्रेणी की शराब पहले के मुकाबले काफी महंगी हो गई है.

सरकार ने शराब को सात अलग-अलग प्राइस स्लैब में बांटा है. शुरुआती दो स्लैब बजट श्रेणी के लिए बनाए गए हैं, जिनमें कम कीमत वाली ब्रांड्स शामिल हैं. इनकी कीमतें लगभग 370 रुपये से 485 रुपये के बीच रखी गई हैं. वहीं मिड-रेंज कैटेगरी में आने वाली शराब की कीमतें 560 रुपये से 650 रुपये तक पहुंच गई हैं.

प्रीमियम श्रेणी में शामिल ब्रांड्स पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. ओल्ड मंक, DSP ब्लैक, इम्पीरियल ब्लू और मैकडॉवेल्स रिजर्व जैसी ब्रांड्स की 750ML बोतलों के दाम अब 850 से 900 रुपये तक पहुंच गए हैं. सबसे महंगे स्लैब में शामिल रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, सिग्नेचर और स्मिरनॉफ जैसे ब्रांड्स की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. उदाहरण के तौर पर, रॉयल स्टैग की 750ML बोतल अब 1,145 रुपये में मिलेगी, जबकि ब्लेंडर्स प्राइड और सिग्नेचर की कीमत करीब 1,330 रुपये तक पहुंच गई है.

राज्य सरकार को क्या उम्मीद?

राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई एक्साइज नीति से राजस्व में बढ़ोतरी होगी. कर्नाटक सरकार पहले भी शराब पर टैक्स बढ़ाकर अपनी आय बढ़ाने की रणनीति अपनाती रही है. हालांकि, इस फैसले का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा. खासकर प्रीमियम शराब खरीदने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी.

नई कीमतें लागू होने के बाद शराब कारोबारियों और ग्राहकों दोनों की नजर बाजार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में लोगों की खरीदारी की आदतों और शराब बिक्री के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है.

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