Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं. बजट पेश होते ही इस असर शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है. बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व सीतारमण का लगातार नौवां बजट है. रविवार को पेश हुए बजट के दौरान शेयर मार्केट पर इसका बुरा असर दिखने लगा है.
बजट भाषण शुरू होते ही बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया. शुरुआत में सूचकांक थोड़े ऊपर गए थे, लेकिन जल्द ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया. बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज हुई. सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 2,000 से ज्यादा अंक नीचे आ गया. निफ्टी भी 24,700 के स्तर के नीचे पहुंच गया. ब्रोकरेज और ट्रेडिंग से जुड़े स्टॉक्स में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.
F&O पर STT में बढ़ोतरी
बजट में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया. इस फैसले से ट्रेडर्स और ब्रोकर्स पर असर पड़ा. कई निवेशकों ने इसे ट्रेडिंग लागत बढ़ाने वाला कदम माना, जिससे बाजार में तेज बिकवाली हुई. इसके अलावा कुछ अन्य टैक्स बदलावों ने भी निवेशकों का भरोसा कम किया.
सेक्टरों पर दिखा असर
बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर और कुछ सेक्टर्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिला, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड नेगेटिव रहा. मेटल, बैंकिंग और ब्रोकरेज स्टॉक्स सबसे ज्यादा गिरे. कुछ सेक्टर्स में शुरुआती तेजी दिखी, लेकिन बाद में वह भी फीकी पड़ गई.
16 लाख करोड़ का हुआ नुकसान
बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में आई इस गिरावट की वजह से निवेशकों को अच्छा खासा नुकसान हुआ है. बता दें, 30 जनवरी को बीएसई का मार्केट कैप 4,60,02,240.35 करोड़ रुपए था. जोकि आज रविवार को कारोबारी सत्र के दौरान 4,44,34,637.85 करोड़ रुपए पर आ गया है. इसका मतलब है कि शेयर बाजार निवेशकों को 15,67,602.5 करोड़ रुपए यानी लगभग 16 लाख करोड़ का नुकसान अब तक हो चुका है.
ऐसे दिनों में बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव रहता है. विशेषज्ञों का कहना है कि बजट के फैसलों को अच्छे से समझने के बाद ही आगे कदम उठाएं. आज का भूचाल बजट की कुछ घोषणाओं से जुड़ा है, लेकिन लंबे समय में बाजार की दिशा आर्थिक ग्रोथ और ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर करेगी. First Updated : Sunday, 01 February 2026