दिल्ली से वियना जा रही एयर इंडिया की एक इंटरनेशनल फ्लाइट उड़ान भरते ही जिस तरह अचानक 900 फीट नीचे गिर गई, उसने यात्रियों की रूह कंपा दी. 14 जून को घटी इस घटना में बाल-बाल बचे 200 से ज्यादा यात्रियों ने 9 घंटे की सांस थाम देने वाली यात्रा के बाद राहत की सांस ली. अहमदाबाद विमान हादसे के बाद सामने आई इस घटना ने एक बार फिर एयर सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
फ्लाइट टेक-ऑफ के कुछ मिनटों बाद अचानक नीचे गिरना और ‘स्टिक शेक’ अलार्म का ट्रिगर होना इतना खतरनाक था कि कंट्रोल रूम में हड़कंप मच गया. पायलट की सतर्कता और त्वरित फैसले ने एक और त्रासदी को टाल दिया. अब DGCA पूरे मामले की जांच में जुट गया है और एयर इंडिया से जवाब-तलब किया गया है.
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, VT-ALJ कोड वाले बोइंग 777 विमान ने 14 जून को तड़के 2:56 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वियना के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान अचानक लगभग 900 फीट तक नीचे गिर गया. इसी दौरान कॉकपिट में ‘स्टिक शेक’ अलार्म बजने लगा, जो कि स्टॉल की चेतावनी देने वाला सिस्टम है.
खतरे को समय रहते भांपते हुए पायलट ने पूरी स्थिति पर काबू पाया और विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर ले गया. करीब 9 घंटे 8 मिनट की उड़ान के बाद विमान वियना एयरपोर्ट पर सकुशल उतरा. एयर इंडिया ने बयान में कहा कि दिल्ली में उस समय मौसम बेहद खराब था और तेज तूफान भी आया था, जिससे उड़ान प्रभावित हुई.
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को इस हादसे की तुरंत सूचना दी गई. फ्लाइट रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से डेटा निकाला जा रहा है. जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है. ये एक मानक प्रक्रिया है जिसे हर गंभीर उड़ान घटना के बाद लागू किया जाता है.
DGCA ने एयर इंडिया के चीफ ऑफ सिक्योरिटी को नोटिस भेजकर इस घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही एयरलाइन के फ्लाइट ऑपरेशंस का विस्तृत ऑडिट शुरू कर दिया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद हादसे के महज डेढ़ दिन बाद आई ऐसी घटना बेहद चिंताजनक है और सुरक्षा उपायों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है. First Updated : Tuesday, 01 July 2025