पति की मौत के 20 दिन बाद पत्नी ने रचाई दूसरी शादी, शक के बाद कब्र से निकलवाया गया शव...हुआ हैरान करने वाला खुलासा
कर्नाटक के तुमकुरु जिले के दसराहल्ली गांव में 50 वर्षीय मजदूर परमेश की 29 जनवरी को अचानक मौत हो गई. पत्नी आशा ने सबको हार्ट अटैक बताकर अंतिम संस्कार करवा दिया. लेकिन महज 20 दिन बाद आशा ने अपने प्रेमी चंद्रप्पा से शादी कर ली. परमेश की बहनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई.

तुमकुरु : कर्नाटक के तुमकुरु जिले के हेब्बूर होबली के दसराहल्ली गांव में रहने वाले मजदूर परमेश की अचानक मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया था. परिवार ने इसे हार्ट अटैक समझ लिया और अंतिम संस्कार भी कर दिया. लेकिन 20 दिन बाद जब उनकी पत्नी आशा ने अपने दोस्त चंद्रप्पा से शादी कर ली तो गांव में हलचल मच गई. परमेश की बहनों को शक हुआ कि यह सब पहले से तय साजिश का हिस्सा है. उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान जो राज खुला उसने रिश्तों के भरोसे को पूरी तरह हिला दिया.
हार्ट अटैक समझकर अंतिम संस्कार
दरअसल, 30 जनवरी की रात परमेश की मौत हो गई. पत्नी आशा ने सबको बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया. परिवार सदमे में था इसलिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया. गांव वाले भी इस कहानी पर यकीन कर बैठे. उस वक्त किसी को नहीं लगा कि यह मौत किसी बड़े छल का हिस्सा हो सकती है
पत्नी ने 20 दिन बाद की दूसरी शादी
परमेश की मौत के ठीक बीस दिन बाद आशा ने चंद्रप्पा से शादी कर ली. यह खबर फैलते ही परिवार और पड़ोस में चर्चा शुरू हो गई. परमेश की बहनों को लगा कि इतनी जल्दी नई शादी किसी गहरे राज की ओर इशारा कर रही है. उन्होंने तुरंत हेब्बूर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत की.
बहनों ने की जांच की मांग
बहनों ने पुलिस को बताया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं थी. उन्हें आशा और चंद्रप्पा के बीच पहले से ही गुप्त संबंधों का शक था. पुलिस ने मामला गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी. जल्द ही अधिकारियों ने फैसला किया कि सच्चाई जानने के लिए शव को कब्र से बाहर निकालना होगा.
कब्र से निकालवाया गया शव
पुलिस ने तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में परमेश का शव कब्र से निकलवाया. गांव में सनसनी फैल गई. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया जहां डॉक्टरों ने नमूने लिए. जांच से साफ हुआ कि मौत प्राकृतिक नहीं थी बल्कि दम घोंटकर की गई थी.
पूछताछ में हुआ खुलासा
लगातार पूछताछ के बाद आशा और चंद्रप्पा ने अपना जुर्म कबूल लिया. दोनों ने बताया कि परमेश उनके रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट बन गया था. उन्होंने सोची-समझी योजना के तहत रात में सोए हुए परमेश के मुंह पर तकिया दबाकर उसे मार डाला. बाद में इसे हार्ट अटैक का रूप देकर छिपा दिया. वहीं अब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया. अब यह देखा जा रहा है कि साजिश में कोई और शामिल तो नहीं था. एक महीने तक छिपी यह घटना अब खौफनाक हत्याकांड बन चुकी है जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया.


