छात्रों को बड़ी राहत! CBSE 12वीं स्कैन कॉपी की लास्ट डेट बढ़ी, वेबसाइट खराबी के बाद लिया फैसला
सीबीएसई ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर बताया कि रिजल्ट के बाद पोस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान वेबसाइट पर तकनीकी समस्याएं आ रही थीं। कई छात्रों को आवेदन करने में दिक्कत हुई।

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत दी है। सीबीएसई ने 2026 बोर्ड परीक्षा की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन डिजिटल कॉपी मंगाने की आखिरी तारीख आगे बढ़ा दी है। बोर्ड ने यह फैसला अपनी मुख्य वेबसाइट में आई तकनीकी दिक्कतों के बाद लिया है।
तकनीकी खराबी के कारण लिया गया फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीबीएसई ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर बताया कि रिजल्ट के बाद पोस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान वेबसाइट पर तकनीकी समस्याएं आ रही थीं। कई छात्रों को आवेदन करने में दिक्कत हुई। सभी छात्रों को पर्याप्त समय देने के लिए बोर्ड ने डेडलाइन एक दिन बढ़ाने का फैसला किया है।
अब 23 मई तक कर सकेंगे आवेदन
आपको बताते चलें कि पहले छात्रों को 22 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना था। अब बोर्ड ने तारीख बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है। सीबीएसई ने देशभर के परीक्षार्थियों और अभिभावकों से कहा है कि वे इस बढ़े हुए समय का फायदा उठाएं। अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। बोर्ड ने साफ किया कि इस सुविधा के बाकी नियम, शर्तें और शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सब पहले जैसे ही रहेंगे।
कितना लगेगा शुल्क और कैसे करें अप्लाई
उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी लेने के लिए छात्रों को 100 रुपये का शुल्क देना होगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है। अगर किसी छात्र को लगता है कि उसकी कॉपी के मूल्यांकन में गलती हुई है तो वह द्वारका, नई दिल्ली स्थित सीबीएसई एकीकृत कार्यालय परिसर के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकता है।
पुनर्मूल्यांकन का भी है विकल्प
गौरतलब है कि आंसर शीट देखने के बाद अगर छात्र को लगता है कि किसी सवाल में सही अंक नहीं मिले हैं तो वह चुनौती दे सकता है। छात्र अधिकतम 10 प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए हर सवाल पर 25 रुपये शुल्क देना होगा।
यह सुविधा उन छात्रों के लिए है जो अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं और दोबारा जांच चाहते हैं। सीबीएसई ने कहा है कि छात्रों के हित में यह कदम उठाया गया है ताकि तकनीकी दिक्कत की वजह से कोई छात्र आवेदन से वंचित न रह जाए।


