‘कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं’ PM मोदी ने आतंकवाद पर खींची रेड लाइन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संस्थानों में तुरंत सुधार की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि दुनिया को नियम आधारित व्यवस्था की जरूरत है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: ओस्लो में मंगलवार, 19 मई 2026 को तीसरे भारत नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में न तो कोई समझौता होगा और न ही दोहरा मापदंड अपनाया जाएगा। संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में जब दुनिया संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रही है, भारत और नॉर्डिक देश आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट हैं और उनका रुख बिल्कुल स्पष्ट है।

नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था पर दिया जोर   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संस्थानों में तुरंत सुधार की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि दुनिया को नियम आधारित व्यवस्था की जरूरत है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश युद्ध खत्म करने और शांति बहाल करने के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे।

नॉर्वे में हुआ तीसरा भारत नॉर्डिक शिखर सम्मेलन   

पीएम मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तहत ओस्लो पहुंचे थे। इस शिखर सम्मेलन में नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, आइसलैंड और डेनमार्क के नेता शामिल हुए। बैठक का मकसद व्यापार, तकनीक, जलवायु और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करना था।

पीएम मोदी ने मेजबानी के लिए नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, कानून का शासन और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक भागीदार बनाती है।

हरित तकनीक साझेदारी का ऐलान   

शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी घोषणा भारत और नॉर्डिक देशों के बीच नई हरित प्रौद्योगिकी और नवाचार रणनीतिक साझेदारी रही। इसके तहत भारत भूतापीय ऊर्जा, ब्लू इकोनॉमी, आर्कटिक अनुसंधान, स्थिरता, साइबर सुरक्षा, दूरसंचार और उन्नत विनिर्माण में नॉर्डिक देशों के साथ काम करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह साझेदारी नॉर्डिक विशेषज्ञता को भारत की प्रतिभा और इनोवेशन से जोड़कर दुनिया के लिए भरोसेमंद समाधान तैयार करेगी।

उन्होंने बताया कि आइसलैंड भूतापीय और मत्स्य पालन में मजबूत है। नॉर्वे ब्लू इकोनॉमी और आर्कटिक मामलों का जानकार है। स्वीडन उन्नत विनिर्माण और रक्षा में आगे है। फिनलैंड दूरसंचार और डिजिटल तकनीक में लीडर है। वहीं डेनमार्क साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य तकनीक में माहिर है।

नॉर्वे के पीएम ने बताई सहयोग की जरूरत   

गौरतलब है कि इस दौरान नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि बदलती और अनिश्चित दुनिया में लोकतंत्रों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है। बैठक में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, सप्लाई चेन की चुनौतियों और यूक्रेन व मध्य पूर्व में शांति पर चर्चा हुई। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून और नियम आधारित व्यवस्था को अहम बताया और वैश्विक संस्थानों में सुधार की वकालत की।

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