मुंबई: आज पूरी दुनिया में क्रिसमस की धूम है, लेकिन अभिनेत्री एली अवराम के लिए यह त्योहार इस साल कुछ अलग है. आमतौर पर स्वीडन में अपने परिवार के साथ क्रिसमस मनाने वाली एली इस बार मुंबई में हैं. बावजूद इसके, उनके लिए क्रिसमस की गर्मजोशी, भावनाएं और परंपराएं बिल्कुल वैसी ही बनी हुई हैं, जैसी बचपन से रही हैं.
एली मानती हैं कि क्रिसमस उनके जीवन का बेहद खास हिस्सा है. स्वीडन में पले-बढ़े बचपन की यादों से जुड़ा यह त्योहार उन्हें भारत में मनाई जाने वाली दिवाली की याद दिलाता है. उनके लिए दोनों पर्वों की आत्मा एक जैसी है-घर की सजावट, रोशनी, अपनापन और परिवार के साथ बिताया गया सुकून भरा समय.
इस साल एली मुंबई में ही क्रिसमस मना रही हैं. वह कहती हैं,"मैं अपने दोनों प्यारे बच्चों (और उनकी बिल्लियों) चार्ल्स और एडवर्ड के साथ जागूंगी और मैंने उनके लिए भी क्रिसमस के तोहफे लिए हैं, जिन्हें मैं उनसे खुलवाने की कोशिश करूंगी. वे पहले से ही मेरे क्रिसमस ट्री के नीचे सो रहे हैं, कितना आरामदायक और प्यारा माहौल है. और आज मैं अपने माता-पिता के साथ फेसटाइम पर क्रिसमस मनाऊंगी."
उनके लिए यह त्योहार सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा पल है.
एली बताती हैं कि भारत आने के बाद जब उन्होंने दिवाली को नजदीक से देखा, तो उन्हें हमेशा क्रिसमस की झलक मिली. वह कहती हैं,"जब मैं भारत आई और यहाँ दिवाली मनाने का जो तरीका मैंने देखा, उससे मुझे हमेशा क्रिसमस की याद आती है. जिस तरह से आप अपने घर को रोशन करते हैं, सजाते हैं और उसे गर्मजोशी भरा, घरेलू और आरामदायक बनाते हैं, वही मेरे लिए क्रिसमस है."उनके मुताबिक, घर सजाना और सकारात्मक माहौल बनाना दोनों त्योहारों की आत्मा है.
एली के लिए क्रिसमस ट्री सजाना सबसे पसंदीदा परंपरा है. इस मौके पर उन्हें बचपन की शरारतें भी याद आती हैं.
वह हंसते हुए बताती हैं,"मैं हमेशा यह जानना चाहती थी कि मुझे क्या उपहार मिल रहा है… एक बार मेरे माता-पिता ने मुझे पकड़ लिया और पूछा कि मैंने सरप्राइज क्यों खराब कर दिया. मैंने उन्हें जवाब दिया, ‘लेकिन कोई भूल तो सकता ही है’, और तब से वे हमेशा इस बात का इस्तेमाल मेरे खिलाफ करते हैं."
एली और उनके परिवार के लिए क्रिसमस का मतलब अच्छा खाना, फिल्में और साथ बिताया गया वक्त है. दोपहर में क्रिसमस से जुड़ी फिल्में और शाम को खास डिनर उनकी परंपरा का हिस्सा है.वह बताती हैं,"मेरी माँ ने फिल्म ‘फैनी एंड एलेक्जेंडर’ (1982) में अभिनय किया था. यह क्रिसमस का एक बहुत ही सुखद अंत है."
खाने की बात करें तो एली को अपनी मां की खास ग्रेवी आज भी याद आती है.
वह कहती हैं,"इस साल मैं भारत में हूँ, इसलिए मुझे वह ग्रेवी खाने को नहीं मिलेगी.लेकिन हम अदरक के बिस्कुट ला रहे हैं, मैं गर्म वाइन बनाऊँगी और हॉट चॉकलेट भी पिऊँगी."
एली के लिए क्रिसमस भले ही देश बदल जाए, लेकिन उसका एहसास हमेशा दिल में जिंदा रहता है. First Updated : Thursday, 25 December 2025