भारत को पहली बार मिस ग्रैंड इंटरनेशनल का ताज दिलाने वाली रेचल गुप्ता ने घोषणा की है कि उन्होंने अपना खिताब छोड़ दिया है. उन्होंने एक साल से भी कम समय में ताज वापस करने का फैसला किया है. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए रेचल गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता के बाद मिले अनुभव 'टॉक्सिक' और 'टूटे हुए वादों से भरे रहे'. 20 साल की इस मॉडल ने कहा कि वो अब इस माहौल को चुपचाप सहन नहीं कर सकतीं.
हालांकि, मिस ग्रैंड इंटरनेशनल संगठन ने रेचल गुप्ता के दावे को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है. संगठन ने आरोप लगाया कि रेचल ने अनुबंध की शर्तें तोड़ीं, अधिकृत यात्राओं में हिस्सा नहीं लिया और बिना अनुमति अन्य परियोजनाओं से जुड़ी रहीं. इसके चलते उनके ताज को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है.
रेचल गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा- ये बताते हुए मेरा दिल भारी है कि मैंने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 के खिताब से इस्तीफा देने और अपना ताज लौटाने का फैसला लिया है. ये खिताब पाना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था. मुझे गर्व था कि मैं भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं और इतिहास रच रही हूं. लेकिन ताज मिलने के बाद के महीनों में मुझे सिर्फ टूटे वादे, अपमान और विषैला माहौल मिला, जिसे अब मैं चुपचाप सहन नहीं कर सकती. उन्होंने आगे कहा कि ये फैसला उन्होंने बहुत सोच-समझकर लिया है और जल्द ही वो एक विस्तृत वीडियो जारी करेंगी जिसमें सारी सच्चाई सामने लाई जाएगी.
पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अपने समर्थकों से माफी मांगते हुए लिखा- दुनियाभर में मेरे सभी समर्थकों से माफी चाहती हूं अगर ये खबर आपको निराश करती है. ये फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन मेरे लिए ये सही था. सच जल्द सामने आएगा. आप सभी से मुझे जो प्यार मिला है, वो शब्दों से परे है. धन्यवाद मेरा साथ देने के लिए.
मिस ग्रैंड इंटरनेशनल संगठन ने भी इंस्टाग्राम के जरिए बयान जारी कर रैचेल पर गंभीर आरोप लगाए. संगठन ने लिखा- मिस ग्रैंड इंटरनेशनल संगठन ये घोषणा करता है कि रेचल गुप्ता को 2024 के खिताब से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाता है. उन्होंने ना केवल संगठन के साथ अपने अनुबंध की शर्तें तोड़ी, बल्कि बिना अनुमति बाहरी प्रोजेक्ट्स में शामिल हुई और ग्वाटेमाला की निर्धारित यात्रा से भी इनकार कर दिया. ऐसे में संगठन ने उनका खिताब वापस लेने का फैसला लिया है. हम अनुरोध करते हैं कि ताज 30 दिनों के अंदर MGI मुख्यालय को लौटाया जाए. First Updated : Thursday, 29 May 2025