तुमने कई बार अपनी भावनाओं की बलि चढ़ा दी, जब बातों ही बातों में हेमा मालिनी से बोले धर्मेंद्र
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी पर्दे और वास्तविक जीवन दोनों में प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक है. अनेक बाधाओं के बावजूद हेमा ने धर्मेंद्र का साथ निभाया, और अभिनेता ने हमेशा उनकी सुंदरता, गरिमा व त्याग की सराहना की.

मुंबईः हिंदी फिल्म उद्योग में कई सुपरहिट जोड़ियां आईं और गईं, लेकिन कुछ रिश्ते सिल्वर स्क्रीन से आगे बढ़कर लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस जाते हैं.ऐसी ही अनोखी और बेहतरीन जोड़ी है दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और सदाबहार अदाकारा हेमा मालिनी की.दोनों की कैमिस्ट्री जितनी खूबसूरत फिल्मों में दिखी, उतनी ही भावुक और सच्ची उनकी ऑफ-स्क्रीन कहानी भी रही.
रिश्ता जिसने कई बाधाओं को पार किया
हेमा और धर्मेंद्र का प्रेम किसी से छिपा नहीं है, लेकिन इस रिश्ते तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था. जब हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से शादी करने का फैसला लिया, उस समय अभिनेता पहले से शादीशुदा थे और उनके चार बच्चे भी थे. उस दौर में हेमा को समाज से लेकर धर्मेंद्र के परिवार तक कई तरह की आलोचनाओं और तिरस्कार का सामना करना पड़ा.
इसके बावजूद हेमा ने किसी भी कठिनाई को अपने प्रेम के बीच नहीं आने दिया. उन्होंने हर चुभती बात, हर टिप्पणी को चुपचाप सहा लेकिन धर्मेंद्र का साथ नहीं छोड़ा. यह वही त्याग था जिसने इस रिश्ते को और मजबूत बनाया और दोनों को एक-दूसरे के और करीब ला दिया.
हेमा मालिनी धर्मेंद्र की नजर में सबसे खास
धर्मेंद्र ने कई बार मीडिया के सामने हेमा के प्रति अपने प्यार और सम्मान को खुलकर जाहिर किया है.एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “हेमा, क्या तुम मेरी भावनाएं जानना चाहती हो या फिर दुनिया जानना चाहती है? मेरा दिल मेरी आंखों में बसता है… और मेरी आंखें ही तुम्हारे लिए सबकुछ बयां कर देती हैं.” उन्होंने यह भी माना कि अपने लंबे करियर में उन्होंने कई अभिनेत्रियों के साथ काम किया, लेकिन खूबसूरती, गरिमा और व्यक्तित्व के मामले में हेमा मालिनी जैसी कोई दूसरी नहीं.
धर्मेंद्र की नजर में हेमा का त्याग
धर्मेंद्र ने न सिर्फ हेमा की खूबसूरती की तारीफ की, बल्कि उनके त्याग और शालीनता को भी सराहा. अभिनेता ने भावुक होते हुए कहा था, “तुम सौम्यता की मूर्ति हो.तुमने कभी कोई मांग नहीं रखी, कभी किसी को दुख नहीं पहुंचाया. तुमने दूसरों के लिए इतना त्याग किया है कि शब्द भी कम पड़ जाते हैं. तुमने कई बार अपनी भावनाओं की बलि चढ़ा दी है. इसलिए तुम मेरे लिए और भी खास हो.”
उनकी ये बातें दर्शाती हैं कि हेमा मालिनी ने न सिर्फ एक पत्नी के तौर पर बल्कि एक इंसान के रूप में भी धर्मेंद्र के जीवन में गहरा स्थान बनाया है.


