ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने के बाद काफी विवाद उठे हैं. हालांकि, एक हफ्ते के भीतर ही विवादों के चलते उन्हें यह पद वापस ले लिया गया. इसके अलावा, ममता पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने यह पद पाने के लिए 10 करोड़ रुपए दिए थे. अब इस मामले पर ममता ने खुलकर अपनी बात रखी है और इन सभी आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
महाकुंभ के दौरान ममता कुलकर्णी का नाम खास चर्चा का विषय बना हुआ है. जब से वह महामंडलेश्वर बनीं, कई साधु-संतों ने इस पर सवाल उठाए, जिनमें बाबा बागेश्वर, यानी धीरेंद्र शास्त्री भी शामिल थे. ममता ने इन सवालों का अपनी तरह से जवाब दिया है. हाल ही में वह एक टीवी शो "आप की अदालत" में आई थीं, जहां उनसे इन विवादों के बारे में पूछा गया.
जब ममता से सवाल किया गया कि संतों ने उन पर जो सवाल उठाए हैं, उस पर उनका क्या कहना है, तो ममता ने जवाब दिया, "अब मैं इस पर क्या कहूं. उन्हें महाकाल और महाकाली का डर होना चाहिए." उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, "वह तो बस 25 साल के हैं, जबकि मैंने 23 साल की तपस्या की है. मैंने हनुमान जी के साथ दो बार प्रत्यक्ष रूप से रहकर तपस्या की है." ममता ने यह भी कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को अपनी गुरु से जाकर पूछना चाहिए कि वह कौन हैं और फिर चुपचाप बैठ जाना चाहिए.
धीरेंद्र शास्त्री ने महाकुंभ के दौरान ममता के महामंडलेश्वर बनने पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि यह पद केवल सच्ची आत्मा वाले लोगों को ही दिया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि बाहरी प्रभाव में आकर किसी को भी संत या महामंडलेश्वर नहीं बनाया जा सकता. First Updated : Monday, 03 February 2025