चुनावी वादा निभाने के नाम पर क्रूरता! तेलंगाना में एक हफ्ते में 500 आवारा कुत्तों की हत्या
तेलंगाना के कामारेड्डी और हमनकोंडा जिलों में चुनावी वादे पूरे करने के नाम पर करीब 500 आवारा कुत्तों की कथित तौर पर हत्या का मामला सामने आया है. एनिमल एक्टिविस्ट की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर गंभीर सुनवाई चल रही है, जहां अदालत समय-सीमा की बाध्यता से हटकर सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दे रही है. इसी बीच तेलंगाना से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पशु अधिकारों को लेकर बहस को और तेज कर दिया है. आरोप है कि चुनावी वादे निभाने के नाम पर राज्य के कामारेड्डी और हमनकोंडा जिलों में एक ही सप्ताह के भीतर करीब 500 आवारा कुत्तों को मार दिया गया.
माचारेड्डी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज
इस मामले को लेकर स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े एनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन मैनेजर अदुलापुरम गौतम ने 12 जनवरी 2026 को माचारेड्डी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया है कि पलवांचा मंडल के कई गांवों में बीते दो से तीन दिनों के दौरान लगभग 200 आवारा कुत्तों की कथित तौर पर हत्या की गई. जिन गांवों के नाम शिकायत में दर्ज हैं, उनमें भावनीपेट, पलवांचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारमेश्वरापल्ली शामिल हैं, जो सभी माचारेड्डी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं.
शिकायतकर्ता के अनुसार, 12 जनवरी को दोपहर करीब तीन बजे उन्हें इन घटनाओं की पुख्ता जानकारी मिली. आरोप लगाया गया है कि यह पूरी कार्रवाई संबंधित गांवों के सरपंचों के निर्देश पर की गई. शिकायत में पांचों गांवों के सरपंचों के साथ-साथ एक अन्य व्यक्ति किशोर पांडेय का नाम भी दर्ज है, जिस पर कथित तौर पर इस काम को अंजाम देने का आरोप है. दावा किया गया है कि कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारा गया.
अदुलापुरम गौतम ने क्या बताया?
अदुलापुरम गौतम ने बताया कि उसी दिन शाम करीब छह बजे वे एक साथी के साथ भावनीपेट गांव पहुंचे, जहां येल्लम्मा मंदिर के पीछे पेड्डाचेरुवु इलाके में कई कुत्तों के शव पड़े मिले. उनका कहना है कि अन्य गांवों में भी इसी तरह की क्रूर घटनाओं की पुष्टि हुई है. उन्होंने इसे घोर अमानवीय कृत्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि हालिया पंचायत चुनावों के दौरान कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों और सरपंचों ने आवारा कुत्तों की समस्या खत्म करने का वादा किया था. इन्हीं वादों को पूरा करने के नाम पर कथित रूप से कुत्तों की सामूहिक हत्या कराई गई. इससे पहले हमनकोंडा जिले के शायमपेट और अरेपल्ली गांवों में भी करीब 300 आवारा कुत्तों की हत्या के आरोप लगे थे, जिनमें दो महिला सरपंचों और उनके पतियों समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. पुलिस के अनुसार, कुत्तों के शव गांवों के बाहरी इलाकों में दफनाए गए थे, जिन्हें बाद में निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया.


