12 जून को अहमदाबाद में हुआ एयर इंडिया विमान AI-171 का भयावह हादसा अब धीरे-धीरे अपनी परतें खोल रहा है. इस त्रासदी में 270 यात्रियों की जान चली गई थी और पूरा देश इस दिल दहला देने वाली घटना से सदमे में आ गया था. अब एएआईबी (Aircraft Accident Investigation Bureau) की प्रारंभिक रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने पायलटों की कॉकपिट में हुई बातचीत से लेकर तकनीकी गड़बड़ियों तक, पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी है.
रिपोर्ट में सामने आई एक तस्वीर ने इस क्रैश की पूरी कहानी को बयां कर दिया है. थ्रस्ट लीवर और फ्यूल कंट्रोल स्विच की स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि आखिर उस दिन आसमान से विमान क्यों गिरा. एक पायलट ने दूसरे से पूछा, 'तुमने फ्यूल कटऑफ क्यों किया?' जवाब मिला, 'मैंने नहीं किया!' इस एक संवाद से समझा जा सकता है कि पायलट खुद भी हैरान थे कि ऐसा हुआ कैसे?
एएआईबी की रिपोर्ट में जो तस्वीर जारी की गई है, उसमें एयर इंडिया विमान के कॉकपिट का नजारा है. इस तस्वीर में थ्रस्ट लीवर और फ्यूल कंट्रोल स्विच की हालत स्पष्ट दिखती है. एक ओर दुर्घटनाग्रस्त विमान का कॉकपिट है, जिसमें थ्रस्ट लीवर पूरी तरह तबाह दिखते हैं. दूसरी ओर, एक सामान्य विमान का कंट्रोल पैनल है, जिससे तुलना की गई है.
इस तुलना से यह पता चलता है कि फ्यूल कटऑफ स्विच बंद हो गया था, जिससे इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया और विमान सीधे नीचे गिर गया. थ्रस्ट लीवर, जिसे थ्रॉटल लीवर भी कहा जाता है, इंजन को शक्ति देने के लिए ईंधन की मात्रा को नियंत्रित करता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन लीवर की स्थिति यह संकेत देती है कि पायलटों को अंतिम क्षणों में भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ा.
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों इंजन इंजन 1 और इंजन 2 के फ्यूल स्विच अचानक "OFF" यानी कटऑफ हो गए थे. उसके बाद कुछ ही सेकंड में दोनों स्विच फिर से "RUN" मोड में आ गए, जिससे इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई. इंजन 1 तो फिर से शुरू हो गया, लेकिन इंजन 2 नहीं चला. इस दौरान कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में जो बातचीत दर्ज हुई, वह बेहद चौंकाने वाली है. एक पायलट कहता है, 'तुमने कटऑफ क्यों किया?' जिसके बाद जवाब आता है "मैंने ऐसा नहीं किया."
यह स्पष्ट करता है कि दोनों में से किसी को भी नहीं पता था कि स्विच कैसे बंद हो गया. इससे यह भी आशंका गहराई है कि या तो तकनीकी खराबी थी या सिस्टम में कोई ऑटोमैटिक गड़बड़ी आई.
विमान के क्रैश के बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर वायरल हो गई थीं. लेकिन यह नई तकनीकी तस्वीर, जो AAIB रिपोर्ट का हिस्सा है, सबसे निर्णायक साबित हो रही है. यह न सिर्फ दुर्घटना की जड़ तक पहुंचने में मदद करती है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या ऐसा भविष्य में फिर से हो सकता है?
फिलहाल, एएआईबी ने यह स्पष्ट किया है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि दुर्घटना मानवीय चूक थी या तकनीकी खामी. वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की मदद से आगे की जांच की जा रही है. एयर इंडिया ने भी जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है. First Updated : Saturday, 12 July 2025